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फोकस ग्रुप ने तय किया जनघोषणा पत्र

Jammu Updated Tue, 25 Mar 2014 05:32 AM IST
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कठुआ। चुनावी कोलाहल में राजनीतिक दलों और अन्य प्रत्याशियों के घोषणापत्र से इतर जनता का घोषणापत्र तैयार करने की कवायद भी शुरू हो गई। अमर उजाला की पहल पर शहर के प्रबुद्ध वर्ग के फोकस ग्रुप ने कठुआ कार्यालय में आयोजित विचारगोष्ठी में बेबाकी से मुद्दों को उठाया। शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं से लेकर उद्योग व महिला अधिकारों से जुड़ी शख्सियतों ने गहन मंथन करते हुए सर्वसम्मत होकर कठुआ जिले का चुनावी जनघोषणा पत्र तय किया।
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अमर उजाला द्वारा आयोजित विचारगोष्ठी में फोकस ग्रुप के सदस्यों ने कठुआ जिले को मैदानी, कंडी और पहाड़ी खित्तों में बांटकर खित्तेवार समान विकास के उपाय सुझाए तो बेरोजगारी के लिए रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, पर्यटन विकास, रणजीत सागर बांध परियोजना से हुए नुकसान की भरपाई सरीखे, राशन की कालाबाजारी और वितरण् के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जाने-माने शिक्षाविद और कठुआ विकास मंच के अध्यक्ष प्रो. राममूर्ति शर्मा ने कहा कि नेशनल हाईवे और धार रोड के मध्य पड़ने वाले कंडी क्षेत्र के लिए दो रेवेन्यू सब डिवीजन गठित करने की जरूरत है। पानी के लिए त्राहिमाम झेलने वाले इलाकों में डीप हैंडपंप स्थापित करने, उर्दू भाषा को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था समय की जरूरत है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता रिटायर्ड शिक्षक और महिला अधिकार संगठन की अध्यक्ष संतोष खजूरिया ने कहा कि चुनावी घोषणापत्र बनते तो हैं, लेकिन प्रत्याशियों की कथनी और करनी में भारी अंतर होता है। रियासत के प्रवेश जिला कठुआ में यात्री भवन निर्माण, जच्चा बच्चा अस्पताल, केंद्रीय विद्यालय कठुआ की इमारत, लंबित पेंशन मामलों का निपटारा और रणजीत सागर बांध परियोजना से राज्य को हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।
उद्योगपति एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा ने औद्योगिक निवेशकों के लिए रियायतों को बहाल करने पर जोर दिया। वैट कर की तर्ज पर टोल टैक्स के भुगतान को भी आनलाइन करने, लखनपुर में वाहनों की आवाजाही के लिए प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम बहाल करने पर बल दिया। उन्होंने रियासत में आने वाली धार्मिक लंगर कमेटियों को टैक्स छूट की वकालत की। सामाजिक कार्यकर्ता और स्तंभकार रिटायर्ड शिक्षक शिवनंदन ने सीमांत ग्रामीणों को भूमि सहित अन्य लंबित मुआवजा जारी करने पर जोर दिया। श्रम कानून को कड़ाई से लागू करने, कांट्रैक्ट लेबर खत्म करने और कृषि भूमि के वाणिज्यीकरण पर रोक लगाने का सुझाव दिया।
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राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक संजय सहगल ने शिक्षा विभाग के पुनर्गठन, स्थानांतरण नीति में धांधली रोकने और अपग्रेड हुए स्कूलों में स्टाफ व बुनियादी सुविधाएं बहाल करने और सांस्कृतिक अकादमी की इमारत को खाली करवाने पर जोर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता और संशोधन के अध्यक्ष राजिंदर पैसिफिस्ट ने रोशनी एक्ट के तहत प्रभावित हुए वैटलैंड की जांच करवाने, चुनाव के बाद गठबंधन पर रोक लगाने, मानव संसाधन के अनुसार रोजगार के अवसर प्रदान करने, रहबरे तालीम योजना में सुधार और राइट टू वर्क को लागू करने के सुझाव दिए।
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