जम्मू। राज्य के विभिन्न विभागों पर बकाया देनदारी बढ़ने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खासकर सड़क एवं भवन निर्माण, ग्रामीण विकास, सिंचाई विभाग, नगर निगम और स्थानीय निकाय के अंतर्गत विकास कार्य लटके हैं। सड़कों की दयनीय स्थिति, नहरों की सफाई नहीं होना, गलियों नालियों की मरम्मत का कार्य अधर में लटकना इसका प्रमाण है। ग्रामीण विकास विभाग में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड होल्डरों को भुगतान नहीं होने से ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अंदाजन इन तीनों विभागों का चार सौ करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी ठेकेदारों और जॉब कार्ड होल्डरों पर है।
विपक्षी दलों ने विभागों पर देनदारी का बोझ लादने के लिए सत्ता पक्ष और खासकर मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया का कहना है कि मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को नियमों को ताक पर रखकर बगैर जरूरी औपचारिकताओं और मंजूरी के शुरू किया जाता है। इसका खामियाजा अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के पास सिर्फ अब पैच वर्क का काम ही रह गया है। शहर के एक मात्र एक्सप्रेस कारीडोर पर भी पैच वर्क हो रहा है, इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है कि फंड कहां पर खर्च हो रहा। जम्मू नगर निगम द्वारा बगैर मंजूरी के हुए विकास कार्यों की वजह से यह स्थिति पैदा हो गई है कि अब जरूरी काम नहीं हो रहे। यही स्थिति अन्य विभागोें में है।
पैंथर्स पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया के मुताबिक उधमपुर, रियासी, राजोरी, पुंछ, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में सड़कों की स्थिति भयावह है। इन इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह खस्ताहाल सड़कें हैं। वर्किंग सीजन शुरू होने के बावजूद कई इलाकों में सड़कों पर तारकोल बिछाना तो दूर की बात है, पैच वर्क भी शुरू नहीं हुआ। विभागीय अधिकारियों से बात करो तो बकाया भुगतान की दुहाई दी जाती है। बकौल मनकोटिया सुशासन की बात करने वाली सरकार को करोड़ों रुपये का बोझ विभागों पर लादने वाले मंत्रियों और अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।