आरएस पुरा। उपजिले में सोमवार को चौथे दिन भी कई संगठनों व अन्य लोगों ने पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवानों की शहादत पर विरोध-प्रदर्शन किया। हालांकि आरएस पुरा कस्बे का बजार खुला रहा। इस बीच पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन का सिलसिला भी जारी रहा।
सतराईया गांव के युवाओं ने कस्बे के बाजार में पहुंच शांतिपूर्ण जुलूस निकाला और पाकिस्तान व आतंकी सगठनों का सहयोग कर रहे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों में शामिल राहुल चौधरी, विवेक चिब, अमन संधू, अनिल, बिक्रम चिब, अजय कुमार, नवीन भारती, राविंद्र चिंब, शिवा शर्मा का कहना है कि पाकिस्तान से कभी भी निपटा जा सकता है, पर राज्य में जो लोग आतंकियों का साथ दे रहे, उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जब भी कश्मीर में सेना व पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है तो वहां के लोग सेना पर पथराव शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि पहले ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आतंकवाद पर काबू पाया जा सके। इस दौरान युवा वर्ग के लोगों ने कस्बे में बाइक रैली निकाल कर विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं दबलैड़ कस्बे को बंद रख लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने के साथ आरएस पुरा-अरनिया सड़क पर टायर जला कर बंद रखा। गांव दबलैड़ पंचायत के सरपंच हजारा सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हर दिन कश्मीर में आतंकी द्वारा सेना के जवानों को निशाना बनाया जा रहा है।
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मीरां साहिब बंद कर किया विरोध प्रदर्शन
मीरां साहिब। सोमवार को क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन कर लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उस पर जवाबी कार्रवाई करने की मांग की। गांव ब्रिज नगर से कांग्रेस नेता अंकुश रैणा की अध्यक्षता में युवाओं ने रैली निकाल मीरां साहिब कस्बे का बाजार बंद करवाया। रैणा ने कहा कि राज्य में आतंकवाद को अब किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। केंद्र की सरकार को चाहिए आतंकवादियों पर नकेल डाली जाए। ऐसी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए जो आतंकी संगठनों के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियां चलाते हैं या उनका सहयोग करते हैं। प्रदर्शन में आशुतोश शर्मा, पंकज कुमार, राकेश आदि शामिल थे। ब्यूरो
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कई स्थानों पर कैं डल मार्च निकाला
आरएस पुरा। सीमवर्ती गांव चंदू चक्क में चौ. कृष्ण लाल की देखरेख में ग्रामीणों ने सोमवार को कैंडल मार्च निकाल कर शहीदों को याद किया। इस दौरान कृष्ण लाल ने कहा कि सीआरपीएफ के शहीद जवानों की शहादत पर देश के लोगों को गर्व है। पर दुख इस बात का है कि अगर आतंकियों से आमने-सामने की लड़ाई होती तो इसका परिणाम कुछ और ही होता। ब्यूरो