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दो माह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद, पर सरकार ने साधी चुप्पी

Updated Tue, 22 May 2018 02:36 PM IST
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कठुआ/बसोहली। अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का धरना सोमवार को भी जारी रहा। आंगनबाड़ी वर्करों ने कहा कि सरकार उनके साथ धोखा कर रही है। उनका कहना था कि पत्थरबाजों को सरकार पैसे और नौकरी दे रही है, लेकिन आंगनबाड़ी वर्कर्स को देने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं। लंबे समय से धरना दे रहीं वर्कर्स ने कहा कि देश में धर्म की राजनीति करके लोगों के बुनियादी अधिकारों का हनन किया जा रहा है। केंद्र व राज्य सरकार आम लोगों की दुख तकलीफ दूर करने में पूरी तरह से असफल सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि दो महीनों से वह अपनी मांगों को लेकर धरना दे रही हैं और अपने विभाग या आंगनबाड़ी केंद्र नहीं जा रही हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है।
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वह बंद कमरों में आराम से अपने महीने का वेतन ले रहे हैं। उन्हें पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला है और उनका घर खर्च कैसे चल रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपना धरना वापिस तभी लेंगी जब मांगें पूरी होंगी। इधर बसोहली में आंगनबाड़ी वर्करों की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें कुछ लोगों द्वारा आंगनबाड़ी वर्करों को गुमराह करने की बात पर चर्चा हुई। इस दौरान सदस्यों ने कहा कि पिछले कई दिनो से अपनी मांगो को ोलेकर धरने पर बैठी हैं। उन्होंने बताया कि उनका धरना जारी रहेगा और दिल्ली में केंद्र की बैठक के बाद जो निर्णय लिया जाएगा, उसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बिलावर में भी आंगनबाड़ी वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।
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