सिद्दड़ा मुठभेड़ में मारे गए चारों आतंकी सीमा पार से आए थे। इन आतंकियों के स्थानीय होने का कोई भी लिंक नहीं मिला है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने शनिवार को एक सवाल के जवाब में कहा, मुठभेड़ के बाद से ही ऐसा अंदेशा था कि आतंकियों का यह ग्रुप सीमा पार से आया है। चारों विदेशी आतंकी हैं। अब जांच में भी यह अंदेशा पुख्ता हो रहा है, कि यह विदेशी आतंकियों का नया ग्रुप था। मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिस पर जांच चल रही है।
डीजीपी ने कहा, अभी सिर्फ यही बताया जा सकता है कि सिद्दड़ा मुठभेड़ में ढेर किए गए आतंकी सीमा पार से रची गई बड़ी साजिश के तहत आए थे। पुलिस जांच कर रही है कि यह आतंकी सीमा के इस पार किस रास्ते से घुसे और कैसे जम्मू तक पहुंचे। वहीं, सिद्दड़ा मुठभेड़ के 96 घंटे बाद भी फरार चालक अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस चालक की तलाश कर रही है। ट्रक से बरामद मोबाइल फोन पर फोरेंसिंक लैब में जांच आरंभ हो गई है। चालक के पकड़े जाने के बाद ही मामले से परदा उठ पाएगा।
भारी संख्या में मिले थे हथियार
28 दिसंबर को भूसे से लदे ट्रक में सुरक्षा बलों ने चार आतंकियों को ढेर किया था। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए थे।
घाटी में 93 मुठभेड़ों में 42 विदेशी समेत 172 दहशतगर्द ढेर
सुरक्षाबलों के आतंक विरोधी अभियान में वर्ष 2022 में 42 विदेशियों समेत कुल 172 आतंकवादी मारे गए। एक वर्ष के भीतर कश्मीर में विभिन्न जगहों पर 93 जगहों पर मुठभेड़ हुई थी। इस बीच युवाओं की आतंकवादी संगठनों में शामिल होने की संख्या में 37 प्रतिशत गिरावट भी आई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि घाटी में हुए मुठभेड़ों में लश्कर-ए-ताइबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) 108 आतंकी मारे गए। जैश-ए- मोहम्मद के 35, हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) के 22, अल बद्र के चार से तीन अंसार गजवा तुल हिंद के तीन आतंकी ढेर किए गए।
शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि 2022 में आतंकवादी हमलों और मुठभेड़ों में जम्मू कश्मीर पुलिस (जेकेपी) के 14 कर्मियों सहित 26 सुरक्षाबल शहीद हुए। एडीजीपी ने बताया कि आतंकी बासित डार और आदिल वानी को छोड़कर अपराधों में शामिल सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया है।