श्रीनगर के पुराने शहर में शुक्रवार को एक बार फिर जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत हुई। वहीं इस बार अचानक कुछ युवक सेना की वर्दी (कैमोफ्लॉज यूनिफार्म) में प्रदर्शनकारियों के बीच आ गए।
उनमें से एक के हाथ में लश्कर-ए-तैयबा का झंडा था। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों को लगा कि प्रदर्शनकारियों के बीच आतंकी आ गए हैं। इस बीच आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडे भी लहराए। हालांकि किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है।
घटना नौहट्टा इलाके की है, जहां जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद नकाबपोश युवक सड़क पर उतर आए। उन्होंने आजादी के हक में नारेबाजी की। इस बार हैरान करने वाली बात यह रही कि अचानक से प्रदर्शन के दौरान कुछ युवक सेना की वर्दी (कैमो लॉज यूनिफार्म) में प्रदर्शनकारियों के बीच आ गए।
इस बीच मीडिया के सामने कहा कि अगर सैनिक कॉलोनी को यहां पर स्थापित किया गया, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपनी बात पर अड़ी रही, तो यहां वर्ष 2008 जैसी स्थितियां पैदा होंगी। प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
इसके बाद वह वहां से रफूचक्कर हो गए। हालांकि नौहट्टा प्रदर्शन के दौरान पथराव नहीं हुआ। केवल राजीयकडल इलाके में हलकी पत्थरबाजी हुई, जिसे नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कुछ आंसू गैस के गोले भी दागे गए।