आरएस पुरा में रोष रैली निकालते सिख संगठनों के सदस्य।
आरएस पुरा। जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को आधिकारिक दर्जा न मिलने पर ऑल जम्मू-कश्मीर लबाना समाज सुधार सभा आरएस पुरा के सदस्यों ने कस्बे में रोष रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पंजाबी को भी जम्मू-कश्मीर में आधिकारिक तौर पर दर्जा दिए। रैली आरएस पुरा के सेंटर गुरुद्वारा से शुरू हुई और कस्बे के विभिन्न हिस्सों से होते हुए गुजरी। सभा के प्रधान सरदार जगजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की सोची समझी साजिश के तहत पंजाबी को नजरअंदाज किया गया है। सरकार ने सिख समुदाय के साथ भेदभाव की नीति अपनाई है, जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रधान ने कहा कि पंजाबी बोलने वाले लोगों की संख्या जम्मू-कश्मीर में लाखों में है। पूरे विश्व में पंजाबी बोलने वालों की संख्या पांचवें नंबर पर है। बावजूद इसके सरकार द्वारा इसे नजरअंदाज किया गया। सभा ने कहा कि अन्य पांच भाषाओं को आधिकारिक रूप से दर्जा देने का स्वागत करते हैं, लेकिन अगर सरकार ने पास होने वाले बिल में पंजाबी भाषा को नजरअंदाज किया तो वे आने वाले दिनों में आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे शुरू कर देंगे। मौके पर सरदार गुरजीत सिंह, सरदार परमजीत सिंह, सरदार बचन सिंह, सूरत सिंह तूफानी, सरदार दलविंदर सिंह, कैप्टन हजारा सिंह, सरदार रणजीत सिंह आदि उपस्थित थे।