उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिला कुपवाड़ा के नतनुसा में सुरक्षा बलों ने हिजबुल के डिवीजनल कमांडर को मार गिराया। मौके से हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि नतनुसा के नागरी गांव में गुलाम मोहिउद्दीन के घर में कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। इसके तत्काल बाद मंगलवार को तड़के सेना की 47 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), कार्गो श्रीनगर और एसओजी कुपवाड़ा ने गांव को घेर लिया।
लाउडस्पीकर से आतंकियों को समर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने सुरक्षा बल के जवानोें पर फायरिंग शुरू कर दी। इसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। करीब ढाई घंटे तक भीषण मुठभेड़ जारी रही।
इस दौरान एक आतंकी को मार गिराया गया। इसकी शिनाख्त सोपोर निवासी समीर अहमद वानी के तौर पर हुई। वह वर्ष 2014 में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। अभी वह हिजबुल के डिवीजनल कमांडर के तौर पर सक्रिय था।
मौके से एक एके राइफल, एक चीनी पिस्टल के अलावा अन्य हथियार और गोला बारूद बरामद हुए। आतंकी का शव बरामद होने के बाद आपरेशन को स्थगित कर दिया गया। बाद में शव को संबंधित पुलिस स्टेशन के हवाले किया गया।
सोपोर में हिंसक प्रदर्शन
आतंकी के मारे जाने के बाद इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुए। सोपोर में एनडीपीएस एक्ट के कैदियों को ले जा रही पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि, सभी कैदी सुरक्षित बचा लिए गए। सोपोर तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।