संदिग्ध आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के वन क्षेत्र से गुज्जर समुदाय के दो लोगों का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्य में यह अपने तरह की पहली घटना है। दोनों के गोलियों से छलनी शव त्राल के जंगल से मिले हैं।
अधिकारियों ने बताया कि 18 और 19 अगस्त की रात को जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के त्राल इलाके के वन क्षेत्र से खानाबदोश गुज्जर समुदाय के राजोरी निवासी अब्दुल कादिर कोहली और उनके चचेरे भाई मंजूर दाद कोहली का ‘ढोक’ (जंगल में अस्थाई ठिकाना)से अपहरण कर लिया। इसकी जानकारी मिलने पर दोनों की तलाश शुरू की गई थी।
सोमवार की रात अब्दुल कादिर का गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ। जबकि मंजूर की तलाश जारी रही। उसका शव मंगलवार की सुबह बरामद किया गया। अब्दुल कादिर का शव त्राल के ऊंचाई वाले क्षेत्र लिचिनाग से तथा मंजूर का शव त्राल के लावा शीर्ष वन क्षेत्र से बरामद किया गया।
भाजपा नीत राजग सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और 5 अगस्त को केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य के विभाजन की घोषणा के बाद यह पहली आतंकवादी वारदात है। इससे पहले 21 अगस्त को बारामुला में लश्कर के एक आतंकवादी और एक विशेष पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी गई थी, जबकि एक पुलिस उप निरीक्षक घायल हो गया था।