उपभोक्ता एवं जन वितरण विभाग (सीएपीडी) के राशन गोदामों में बुधवार को ताले लटके रहे और इनके बाहर लोडिंग-अनलोडिंग का काम करने वाले श्रमिक मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
रियासत भर में खाद्य श्रमिकों की हड़ताल से राशन का वितरण ठप हो गया है। सीएपीडी के प्रमुख राशन गोदामों में से एक वेयर हाउस गोदाम में भी श्रमिक ताला लटकाकर बाहर बैठे रहे।
फूड एंड अलाइड वर्कर्स यूनियन जेएंडके के प्रधान बिशन दास का कहना है कि एफसीआई श्रमिकों की तर्ज पर जब तक सीएपीडी के श्रमिकों को लाभ और मानदेय नहीं मिलता आंदोलन का सिलसिला जारी रखा जाएगा।
उनका कहना है कि अनिश्चितकालीन हड़ताल से राशन की सप्लाई पर पहुंच रही अड़चन के लिए सरकार जिम्मेदार है। इससे पहले भी श्रमिकों की हड़ताल के बाद ने सीएपीडी के आयुक्त सचिव के माध्यम से इसी साल 27 जनवरी को बैठक कर प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन अब तक मसलों का हल नहीं हुआ।
ऐसे में अब फूड एंड अलाइड वर्कर्स का संयम जवाब दे गया है। जम्मू में फरवरी महीने का राशन तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने की प्रक्रिया के चलते अभी तक नहीं बंटा है।
जनवरी महीने का राशन भी आधा ही बंटा है। राशन डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान प्रभु दयाल शर्मा का कहना है कि राशन एडवांस की राशि विभाग ने अब जमा करने की प्रक्रिया शुरू की है।
आटा के बजाय गेंहू देने के लिए राशि विभाग जमा कर रहा है। इसमें क्विंटल के हिसाब से 14 रुपये अलग से प्लास्टिक बैग के काटे जा रहे हैं। चीनी भी 700 ग्राम के बजाय प्रति व्यक्ति को 500 ग्राम दी जा रही है। राशन कार्ड धारकों में नाराजगी बढ़ सकती है।