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दामन में दाग

अमरेश उपाध्याय

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                               दामन में दाग- 
        
                                                    
                            

दामिनी तेरे दामन में देखने पर दाग नही
तू इतनी खूबसूरत है कि तेरा जवाब नही

कहते हैं खूबसूरती प्यार में ओ आइना होता है
जो हर किसी को जीने की कला सिखा देता है

सच में तुझे ख्वाब कहें या ईद का चांद
तू आ दिल में बस तो कहीं दीदारें चांद

यूं तो तेरी हर अदा पर हम होते रहे कुर्बान
तू जिस्म है तो मैं हूं तेरी मोहब्बत की जान

कायल हूं तेरे इश्क में बेशक पागल हूं
लेकिन तेरे तन्हा मोहब्बत में घायल हूं

तेरी आह में अचानक से  रुह तड़प उठती है
कभी-कभी तेरे मयखाने में निगाह रुकती है

कब तक न लिखता तेरी मोहब्बत के अफसाने
यह फसाना मेरे दिल में है ऐ खुदा तू ही जाने

- पं. अमरेश उपाध्याय


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6 वर्ष पहले
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