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जिंदगी

Advocate Dk

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी जियो मजे से ,जिंदा हो जग में जब तलक
        
                                                    
                            
आशा का दामन न छोडो, दम में है दम जब तलक |

रोने धोने,ग़मगीन होने से,फर्क कुछ भी पड़ेगा नहीं
क्यों ना हंस के गुजारें,जिंदगी है जब तलक |

स्वर्ग होता है कि नहीं ,मिलेगा इसका भी क्या यकीं
नर्क क्यों बना दें जिंदगी, जिंदा यहां हैं जब तलक |

ना तो कुछ साथ आया था, ना ही साथ कुछ जायेगा
रिश्ते नाते भी हैं तभी तक ,है तू जिन्दा जब तलक |

दिन रात जुटा है कमाने ,जिन के लिए ये धन दौलत
साथ देंगे ये तेरा,श्मशान में चिता जलती जब तलक ।

जिओ और जीने दो, रहो खुश दूसरों को भी रहने दो
हारो ना जिंदगी से ,आ नहीं जाती मौत जब तलक |


सुख-दु:ख तो आते-जाते ही रहेंगे, धूप-छाँव की तरह
चक्र तो ये चलता ही रहता, जिंदगी रहती जब तलक |

अच्छी सोच रखो, तन मन रहेगा,इससे स्वस्थ
दुख दर्द घेरे रहेंगे, बुरी सोच होगी जब तलक।

काम कर जाओ कुछ ऐसे,रखें याद लोग मरने के बाद
रहे नाम रोशन तुम्हारा, जमीं, फ़लक हैं जब तलक ।

जिंदगी अनमोल है, कुदरत का दिया नायाब तोहफा
जिंदादिली से ज़ी इसे ,सांस चले शरीर में जब तलक |

दीक्षा चौहान एडवोकेट
3 वर्ष पहले
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