वो आती है,
चौंच कटोरी चोगा भर उड़ जाती है।
चुगती दानों को लगातार,
हर बार चौंच पटकाती है।
कर्तव्य बोध से बंधी,
बच्चों की भूख मिटाने जाती है।
भरती हर चौंच को चुग्गे से,
मानो अपना दूध पिलाती है।
मां कि ममता है,
भूखे बच्चों की तड़प नहीं सह पाती है।
सर्दी गर्मी या बारिश,
कर्तव्य बोध से विमुख नहीं हो पाती है।
बच्चों के उड़ने तक,
गठरी ममता की बांट तृप्त हो जाती है।
नियती ने भेजा है मां को,
इसीलिए मां भगवान रूप कहलाती है।