अपनों से शिकायत क्या करें,
हम तो यहाँ बेगाने हैं...!
खाया है हमने बहुत ही जख्म,
पर....हर जख्म पे मलहम तेरे नाम का है
बेगाने सही लेकिन कदर करने वाले हैं
संसार में बहुत है निभाने वाले बंधन
लेकिन..ये जो हमारा अपनापन का लगाव है
उसका अंदाज ही बेहतरीन है...!!
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