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अंदाज...

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपनों से शिकायत क्या करें,
        
                                                    
                            
हम तो यहाँ बेगाने हैं...!
खाया है हमने बहुत ही जख्म,
पर....हर जख्म पे मलहम तेरे नाम का है
बेगाने सही लेकिन कदर करने वाले हैं
संसार में बहुत है निभाने वाले बंधन
लेकिन..ये जो हमारा अपनापन का लगाव है
उसका अंदाज ही बेहतरीन है...!!

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एक वर्ष पहले
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Manoj Singh

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