जहां 22 भाषाओं का महा संगम है ,
1947 जिसका आजादी सन् है ,
जहां एक ही पोशाक के रंग कई हैं ,
जहां धर्म और ईश्वर के संग कई है ,
जहां मिट्टी के लिए महानो ने जान गवाई है ,
जहां की बूटियों ने लाखों जाने बचाई है ,
जहां हर इंसान के लिए सम्मान पूरा है ,
जहां हर कोई एक दूसरे के बिना अधूरा है ,
जहां अतरंगी खानों का स्वाद सही है ,
जहां इतहास इमारतों का दफ़न यही है ,
जहां पर दिखे तिरंगा लहराता हुआ ,
हां! मेरे दोस्त , हिंदुस्तान वही है !