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हे प्रिये

Atul Verma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हे प्रिये ! तुम्हारे जीवन में हर रोज सफलता आ बैठे
        
                                                    
                            
तुम छूओ शिखर पल प्रतिपल तुमसे ही अंबर महके
तुममे है साहस धरती सा तुमने नापा है कठिन सफर
तुम सच में शांत अप्सरा हो पर आई हो नारी बन के

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5 वर्ष पहले
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