हे प्रिये ! तुम्हारे जीवन में हर रोज सफलता आ बैठे
तुम छूओ शिखर पल प्रतिपल तुमसे ही अंबर महके
तुममे है साहस धरती सा तुमने नापा है कठिन सफर
तुम सच में शांत अप्सरा हो पर आई हो नारी बन के
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