युद्ध का परिणाम सदैव होता है,
हार या जीत परन्तु
निष्कर्ष सदैव होता है, रक्त से लतपत
मानवीय संवेदानाओं की आहुति
चारों तरफ सिर्फ लाशों का बाज़ार
जिसके खरीदार वो सूक्ष्म कीड़े, पक्षी,
जंगली जानवर.
वर्तमान में युद्ध हथियारों से नहीं
बल्कि इज़ाद किए जाते हैं
नए नए रासायनिक तरीकें
छीन ली जाती है जिंदगियां
और घोषित कर दिया जाता है
एक त्रासदी
त्रासदी भी इंगित करता है
आदम जात के विनाश को
विनाश तबदील कर देता है
मानव बस्ती को श्मशान में
श्मशान वही स्थान जहाँ
दफ़न है समस्त इतिहास
और जिसके साक्षी है हम सब
भूपेंद्र रावत
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