तेरे जाने के बाद एक अफ़साना लिखुंगा
उसमें मैं अपना नाम दीवाना लिखूंगा
तुम सांस हो तो मैं धड़कन तुम्हारा
जब सांस ना रहे, तो जिन्दगी को मर जाना लिखूंगा
तेरे हुस्न की कुछ इस तरह तारीफ़ करूंगा सनम
चेहरे को चाँद, होठों को कमल, नयनों को मयखाना लिखूंगा
कहीं लिखना होगा अपने घर का पता जानेमन
तेरे दिल को अपना स्थाई ठिकाना लिखूंगा
दो दिलों के दरम्यां ये दीवार किसने उठाई
तो "अनोखा"दुश्मन सारा जमाना लिखूंगा
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