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एक छोटी सी ख्वाहिश

BRAHMA NAND

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मै कब कहता हूं कि मुझे शोहरत और नाम मिल जाए
        
                                                    
                            
बस खाली होऊं तो काम मिल जाए
और थक जाऊं तो आराम मिल जाए
मैं कब कहता हूं कि मुझे खुशियां तमाम मिल जाएं
बस हंसती सी सुबह मिल जाए
और सुकून भरी शाम मिल जाए
मैं कब कहता हूं कि मेरी हर कोशिश को मुकाम मिल जाए
जब तक सांसें हैं बस दुआ सलाम मिल जाए
दुआओं में रहूं जब सफर को विराम मिल जाए
2 वर्ष पहले
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