मै कब कहता हूं कि मुझे शोहरत और नाम मिल जाए
बस खाली होऊं तो काम मिल जाए
और थक जाऊं तो आराम मिल जाए
मैं कब कहता हूं कि मुझे खुशियां तमाम मिल जाएं
बस हंसती सी सुबह मिल जाए
और सुकून भरी शाम मिल जाए
मैं कब कहता हूं कि मेरी हर कोशिश को मुकाम मिल जाए
जब तक सांसें हैं बस दुआ सलाम मिल जाए
दुआओं में रहूं जब सफर को विराम मिल जाए