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आँखें ना फेर

Dharmendra Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जुल्मो सितम को देखकर
        
                                                    
                            
यूं आँखे ना फेर,
आंसुओं की तासीर में
आखिर कब तक रखोगे नमी।
धर्मेन्द्र कुमार
कानपुर
9956684926


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6 वर्ष पहले
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