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होली में

GL Brc

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            होली में रंग गुलाल, लगाओ साथी ।
        
                                                    
                            
तन मन को खूब,रंगाओ साथी ।

फागुन महीना का,यह है उपहार ।
देना लेना करके,मनाओ त्योहार ।
इसमें चलता नंगाड़ा,बजाओ साथी ।

छोटे छोटे आम, दिखने लगे हैं ।
महुआ भी पेड़ों से गिरने लगे हैं ।
पलाश से करीबी,बढ़ाओ साथी ।

हवा बसंती लगने लगी,मौसम की रानी ।
एक नहीं हजार कलम,जिसकी है कहानी ।
जिसे नहीं मालूम,उसे सुनाओ साथी ।

- गिरधारी लाल चौहान व्याख्याता
नवापारा खुर्द सक्ति जिला जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
2 वर्ष पहले
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