न मेरी राखी तेरे पास पहुंची
न तू राखी बंधाने घर आया।
मुझसे मत पूछ मैंने इस बार
रक्षाबंधन कैसे मनाया।
तू मुझसे एक साल ही तो छोटा है
बचपन में दोनो रोज लड़ते थे।
इसलिए पापा चाकलेट दोनो के
लिए ही खरीदकर लाया करते थे।
जब तू किसी बात पर रोता था
मै हंसकर तुझे चिढ़ाती थी।
जब तू नानी के पास जाता था
तेरे खिलौने से मन बहलाती थी।
मैं बहन हू भैया मुझे भूल मत जाना
मम्मी पापा के बाद तू ही मुझे समझायेगा।
बहन घबराओ मत मै हू ना सब ठीक
हो जाएगा - कहकर मम्मी पापा का
फर्ज निभायेगा।
गोपाल शर्मा
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