सूक्ष्म स्थूल जगत सारा नहीं सर्वकाल में सारा है
एक तत्व ब्रह्म है निर्गुण सकल जग जिसका पसारा है
भेद और अभेद से है भिन्न शिव ही शिव एक तत्व है
श्रुति कहती नेति-नेति यही ज्ञानी भी उचारा है
- हरिशंकर 'हरि'