आज़ादी एक त्योहार है,
खुशियों का ही तो सार है ।
वयक्त करता है जो पीड़ा,
कई महापुरषों की उनकी एक एक
कुरबानी से लगा हुआ हम भारतीयों का
प्यार है !!
कुरबानी महापुरषों की जब याद आती है ,
आंखो मैं आशू और लबों पर मुस्कराहट ,
लाती है !!
रो ही देता है हर व्यक्ति जब घबीर चिंतन
इस कुरबानी का किया जाता है !!
रोक कर अपना बढ़ता हुआ कदम,
अपनी भगदोर की जिंदगी में से एक ,
लम्हा तिरंगे के सम्मान को दिया जाता है !!