कभी रुकी नहीं
बरसे बगैर
बिदाई की बदली। .....
यकीन था कसम खाकर
मेरी
तेरे वादे पर........
ख़ुशी मिली
पल भर को
तेरे इश्क़ की
सजा बनकर
में हार चूका
वफ़ा करके
तेरी जीत हुई.....
केबी सोपारीवाला