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रिश्ते

Komal Cs

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रिश्तों के इस चक्रव्यूह में,
        
                                                    
                            
अभिमन्यु ही तो सारे हैं,
थोड़ी थोड़ी जीत लिए ,
ज़्यादा ज़्यादा ही हारे हैं l
जोड़ घटाना गुणा भाग,
बस चलते ही रहता है,
कहीं किरकिरी से चुभते,
कहीं आंख के तारे हैं ll
एक वर्ष पहले
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