मुझसे जहां की तीरगी अनजान बहुत है
मेरे पास रोशनी का सामान बहुत है
तेरी याद आ रही है मेरा दिल जला रही है
मैं ये जिंदगी जला दूँ तुझे रोशनी दिखा दूँ
मेरे दिल में बंदिगी का तूफान बहुत है
मेरे पास रोशनी का सामान बहुत है
तेरे बिन मैं जी न पाऊँ कहीं यूँ ही मर न जाऊँ
दिन रात यूँ गुजारे तेरी उम्मीद के सहारे
मेरा जिस्म बिन तुम्हारे बेजान बहुत है
मेरे पास रोशनी का सामान बहुत है।।
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