अभी जो मेरा घर जलाकर गया है
मेरा दोस्त ही था दग़ा कर गया है
ख़ुदा ठीक रक्खे उसे मेरे जैसे
जो मुझको ठिकाने लगा कर गया है
मज़म्मत के बदले उन्हें दो दोआएं
अजी ज़ह्र उनका शिफ़ा कर गया है
उठाया है तूफ़ां मुहब्बत का दिल में
नज़र से नज़र जो मिला कर गया है
लगाया गले और गिले सब मिटाया
अदू ए मुहब्बत नया कर गया है
फ़िदा एक मुस्कान पर कर दिया जां
मेरा दिल यहीं पर ख़ता कर गया है
फ़रेबी बहुत है ज़रा बचके रहना
वो जो ख़ूब हंस मुस्कुरा कर गया है
मेरे इश्क़ में कुछ कमी रह गई क्या
वो हमदर्दियां क्यों जता कर गया है
उसे ही मिलीं "शम्स "रुसवाईयां जो
गुनाहों से दामन बचा कर गया है
शम्स कुन्डवी, चन्दौली, उत्तर प्रदेश