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मासूम इश्क

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अब तुमसे बात क्या करूं,
        
                                                    
                            
मगर बात तुम्हारी है।
कैसे-कैसे छुपाये राज,
यह वक्त की बलिहारी है।
हंस कर कुछ भी कहती,
दिल की साफ बेचारी है।
डरने लगी है लोगों से,
कथनी 'उपदेश' सुधारी है।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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4 वर्ष पहले
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