कोई मुझ को भी रुला कर जायेगा
सोचा ना था दिल ये धोखा खायेगा
धड़कनों ने दिल के कानों में कहा
हम ना होंगी तू तो मारा जायेगा
उसका मुझपर कुछ तो हक़ होगा जरूर
गैर कोई क्यों मुझे तड़पाएगा
- वीरेन्द्र कनक चोलकर
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