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पानी की तलाश में भटके हिरन को कुतों ने नोचकर मार डाला

Updated Tue, 22 May 2018 11:16 PM IST
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श्रावस्ती। पानी की तलाश में भिनगा जंगल से भटकर एक हिरन संभारपुरवा गांव पहुंच गया। वहां उसे कुत्तों ने घेर लिया और हमला कर दिया।
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कुत्तों के नोचने से हिरन गंभीर रूप से घायल हो गया। गांव के एक खेत में उसकी लाश मिली। वन कर्मियों ने हिरन का पोस्टमार्टम कराया। इसमें कुत्तों के नोचने से हिरन की मौत की पुष्टि हुई।

जंगलों में अधिकतर जलाशय सूख चुके हैं। जंगल के मध्य बहने वाले पहाड़ी नालों में भी रेत उड़ रही है। ऐसे में जंगली जीव पानी की तलाश में आबादी की ओर जा रहे हैं।
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ऐसा ही कुछ मंगलवार को भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम संभारपुरवा में देखने को मिला। सोमवार देर रात पानी की तलाश में भिनगा जंगल के कंपार्टमेंट 40 गांधी बीट संख्या 14 से निकला एक हिरन भटकता हुआ संभारपुरवा गांव पहुंच गया।

वहां आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। इसमें हिरन गंभीर रूप से घायल हो गया। जान बचाने के लिए भागा हिरन की गांव निवासी मेवालाल वर्मा के खेत में लगे यूकेलिप्टिस की झाड़ में जा छिपा।

मंगलवार सुबह उसकी लाश मिली। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन कर्मी लाश को वन कार्यालय भिनगा ले आए। पोस्टमार्टम के लिए उसे राजकीय पशु चिकित्सालय सिरसिया ले जाया गया।

वहां प्रभारी सीवीओ डॉ. अनिल कुमार शर्मा के निर्देश पर सिरसिया के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार वरुण ने पोस्टमार्टम किया। डॉ. वरुण के अनुसार हिरन की मौत कुत्तों के नोचने से हुए जख्म व हृदय गति रुकने से हुई है।

पहले भी हो चुकी हिरनों की मौत
भिनगा जंगल के गांधी बीट से पानी की तलाश में विगत वर्ष जंगल से बाहर निकले हिरन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

गिलौला थाना क्षेत्र के परेवपुर में एक वर्ष पूर्व पानी की तलाश में हिरन की बौद्ध परिपथ पार करते समय मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। इससे पूर्व भी एक हिरन पानी की तलाश में निकला था, जिसे कुत्तों ने घेर लिया था। ग्रामीणों ने बाद में सुरक्षित बचाकर वन कर्मियों के सुपुर्द कर दिया था।

जंगल के तालाबों में पानी की कमी नहीं है, जहां पानी नहीं है, वहां पानी भरने का निर्देश दिया जा चुका है। गर्मी अधिक होने के कारण संभव है कि हिरन रास्ता भटक कर संभारपुरवा पहुंचा हो, जहां घटना घटी।
- एके शुक्ला, प्रभागीय वनाधिकारी
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