मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के बाद नया रंगीन वोटर कार्ड पाने की बाट जोह रहे वोटरों का इंतजार और लंबा हो सकता है।
फीडिंग के बाद भी चुनाव आयोग द्वारा नामित प्रिटिंग प्रेस से अब तक छप के न मिलने से प्रशासन परेशान है। नए रंगीन वोटरों के साथ ही कई वीआरसी पर डुप्लीकेट वोटर आईडी पाने में भी वोटरों को पसीने छूट रहे हैं।
डुप्लीकेट वोटर कार्ड के लिए करीब 25 हजार से अधिक आवेदक अब भी लाइन में हैं। हालांकि एडीएम प्रशासन नए रंगीन वोटर कार्ड जल्द ही मिलने के बाद नए व डुप्लीकेट कार्ड एक साथ बीएलओ के माध्यम से बंटवाने की बात कह रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग के स्तर से हस्तक्षेप किए बिना प्रिटिंग प्रेस में फंसे नए रंगीन कार्ड जल्दी मिल पाना संभव नहीं होगा।
आयोग के निर्देश पर ही 9 मार्च को मतदाता चौपाल लगा कर 75 हजार नए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरवाए गए थे।
इनकी फीडिंग व सत्यापन में हुई लेटलतीफी के कारण ही पुणे स्थिति प्रिटिंग प्रेस से नए रंगीन वोटर कार्ड अभी तक छप कर नहीं आ सके हैं। प्रशासनिक अधिकारी इस बाबत फिलहाल तय तिथि नहीं बता पा रहे हैं।
वहीं, शहर में कुछ शरारती तत्वों द्वारा आम लोगों के बीच फार्म-7 भरकर दो फोटो के साथ वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने की अफवाह फैलाई जा रही है।
लोगों को बताया जा रहा है कि वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने से चूके लोग फार्म 7 के साथ दो फोटो लेकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराके वोटिंग स्लिप पा सकते हैं।
इस बाबत उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन राजेश कुमार पांडेय ने साफ किया कि 30 मार्च के बाद वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की फीडिंग कराने वाला चुनाव आयोग का सर्वर लॉक हो गया है।
अब वोटर लिस्ट में न तो कोई नाम जोड़ा जा सकता और न ही किसी का नाम काटा जा सकता है। इतना ही नहीं वोटर लिस्ट में उजागर होने वाली किसी खामी को भी अब ठीक नहीं कराया जा सकता।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस फार्म 7 को भरकर नाम जुड़वाने व वोट डालने की बात फैलाई जा रही है वह फार्म वोटर लिस्ट से मतदाता का नाम कटवाने के लिए भरा जाता है।