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अब तीन लाख का होगा लक्ष्मण पुरस्कार

शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 12 Feb 2014 03:24 PM IST
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प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए लक्ष्मण पुरस्कार राशि बढ़ाने जा रही है।
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यह राशि दोगुना या तीन गुना नहीं बल्कि कई गुना बढ़ाते हुए 3.11 लाख करने की तैयारी है।

खेल निदेशालय के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर इस संबंध में सहमति बन गई है। वित्त विभाग से सहमति मांगी गई है।

इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी के बाद खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार के रूप में 50,000 के स्थान पर 3.11 लाख रुपये दिए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2004 में लक्ष्मण पुरस्कार देने की योजना शुरू की गई।

इस योजना के तहत प्रदेश स्तरीय टीम में तीन साल तक रहने वाले और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेलने वाले खिलाड़ी को यह पुरस्कार दिया जाता है।

निदेशालय स्तर से खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के लिए आने वाले प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी दी जाती है। प्रदेश में वर्ष 2010 तक खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार दिया गया और 2011 से इसे नहीं बांटा गया है।
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अखिलेश सरकार चाहती है कि लक्ष्मण मेला पुरस्कार को फिर से देने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ इसकी राशि बढ़ा दी जाएगी।

यही नहीं पहली बार लक्ष्मण पुरस्कार योजना में वेटनर ग्रुप को भी शामिल किया गया है। वेटनर ग्रुप के दो तथा तीन अन्य समेत पांच खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार दिया जाएगा।

खेल निदेशालय ने इस पुरस्कार के लिए नामों को भी लगभग अंतिम रूप दे दिया है। इसमें रायबरेली की एथलीट सुधा सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

इन्हें मिलता है पुरुस्कार
राज्य सरकार प्रदेश के विशिष्ट खिलिड़ियों को लक्ष्म पुरस्कार से सम्मानित करती है। इसमें खिलाड़ियों को एक प्रशस्ति पत्र लक्ष्मण की एक कांस्य प्रतिमा तथा 50,000 रुपये दिए जाते थे।

पुरस्कार पाने के लिए खिलाड़ी को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। खिलाड़ी कम से कम 3 वर्ष प्रदेशीय टीम का सदस्य रहा हो और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया हो। खिलाड़ी को जिस वर्ष के लिए पुरस्कृत किया जाना है उस वर्ष उसका खेल उत्तम होना चाहिए।
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