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छापेमारी में 290 किलो नकली चाय बरामद

Updated Mon, 28 Aug 2017 10:04 PM IST
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नानपारा (बहराइच)। नानपारा और रिसिया क्षेत्र में चाय के गोरखधंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रिसिया और नानपारा में छापेमारी कर 290 किलो नकली चाय बरामद की। बरामद चाय को सीज कर नमूने को परीक्षण के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नानपारा क्षेत्र में चाय का गोरखधंधा अरसे से चल रहा है। यहां पर उबली हुई चाय को एकत्रित करने के बाद कलर चढ़ाकर नए पैकेट में भरकर बेचने का धंधा चलता है। यह धंधा नानपारा साथ मटेरा, रिसिया व आसपास के इलाकों में फैला हुआ है। दो वर्ष पूर्व प्रशासन ने छापेमारी कर खुलासा किया, तब अंकुश लगा। लेकिन उसके बाद पुन: धंधा बेधड़क शुरू हो गया। इसकी भनक लगने पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनंत स्वरूप व राघवेंद्र वर्मा ने सोमवार दोपहर में नानपारा के कसाई टोला निवासी राजू की दुकान पर छापेमारी की। यह दुकान मोहल्ले में ही स्थिति है। यहां से टीम ने 250 किलो खुली नकली चाय व 120 पैकेट चाय बरामद हुई। यह पैकेट 250 ग्राम के पैक थे। जिन पर गार्डेन फ्रेश लिखा हुआ है। इसके साथ ही सोना प्रीमियम चाय की बोरियां भी बरामद हुई हैं। यहां पर चाय को जब्त करने के बाद टीम ने रिसिया थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव में गल्लन पुत्र अयूब की दुकान पर छापेमारी की। यहां से 250 ग्राम के 40 पैकेट बरामद किए। कुल 290 किलो चाय बरामद हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनंत स्वरूप ने बताया कि बरामद चाय को सीज कर नमूना परीक्षण के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बरामद चाय पूरी तरह नकली है। इस मामले में भी उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
ठंडे पानी में भी कलर छोड़ती है चाय
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनंत स्वरूप ने बताया कि नकली चाय के दानों को अगर ठंडे पानी में डाला जाए, तब भी वह कलर छोड़ने लगते हैं। जबकि असली चाय सिर्फ उबलते हुए पानी में कलर छोड़ती है।
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लिवर और किडनी को होता नुकसान
नानपारा के फिजीशियन डॉ. गिरिराज वर्मा ने बताया कि नकली चाय रासायनिक रंगों का इस्तेमाल कर बनाई जाती है। इसके निरंतर प्रयोग से किडनी व लिवर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचता है।
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