अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत जिले के 14 शहीद सपूतों के गांवों को अब शहीद गांव के नाम से जाना जाएगा। योजना के तहत संबंधित गांवों को पक्के संपर्क मार्ग से जोड़ा जाएगा। तोरण द्वार निर्माण के साथ ही गांव में शहीद जवान की मूर्ति स्थापित की जाएगी। गांवों का समुचित विकास हो सके, इसके लिए अलग-अलग कार्यों की जिम्मेदारी विभिन्न विभागों को सौंपी गई है।
देश की रक्षा करते हुए सैनिक व अर्धसैनिक बल के जवानों के सम्मान के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत अब जिस गांव का सपूत देश की रक्षा में शहीद होगा, उस गांव को शहीद गांव के नाम से याद किया जाएगा। इस योजना के तहत जिले के 14 गांवों का चिन्हांकन किया गया है। इसमें 11 सैनिक और तीन अर्धसैनिक बल के जवान शामिल हैं। ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार योजना के तहत जिन गांवों का चयन किया गया है, उसमें भीटी तहसील अंतर्गत शहीद हवलदार देवी प्रसाद सिंह का बराही, हवलदार शहीद उदयप्रताप सिंह का जैतूपुर, सिपाही शहीद अजय कुमार का दूबेन का पूरा, शहीद सैनिक मदन गोपाल पांडेय का सिंगरा, अकबरपुर तहसील अंतर्गत शहीद सैनिक रामजतन का रामपुर मंगुराडिला, शहीद सैनिक विक्रमादित्य सिंह का सुल्तानपुर, जलालपुर तहसील अंतर्गत शहीद सैनिक शिवपूजन द्विवेदी का नंदेशर, शहीद सैनिक एके उपाध्याय का महुवल, आलापुर तहसील अंतर्गत शहीद सैनिक सच्चिदानंद सिंह का पोखरभिट्टा, अर्धसैनिक बल के आलापुर तहसील अंतर्गत शहीद सुरेश यादव का धंसुरपुर जहांगीरगंज, टांडा तहसील अंतर्गत शहीद रामनाथ यादव का तिघरा दाउदपुर व अकबरपुर तहसील अंतर्गत शहीद बृृजेश कुमार तिवारी का बुझावन तिवारी का पूरा गांव शामिल है।
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित गांवों में पक्के संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाएगा, जिसे गौरव पथ का नाम दिया जाएगा। गांव के बाहर तोरण द्वार तथा गांव में शहीद सैनिक की मूर्ति स्थापित की जाएगी। गांव में विकास के लिए सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग, तोरण द्वार व सैनिक की मूर्ति स्थापना की जिम्मेदारी ग्राम्य विकास विभाग एवं सांस्कृतिक विभाग, विद्युतीकरण, पेयजल, आवास, नाली निर्माण आदि की जिम्मेदारी भी अलग-अलग विभाग को दी जाएगी।
शासन को भेजी गई सूची
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत जिन 14 गांवों का चयन किया गया है, उनकी सूची शासन को भेज दी गई है। शासन से मिलने वाले दिशा निर्देश के अनुसार आगे आवश्यक कार्य किए जाएंगे।
- प्रदीप पांडेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए