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राजकीय निर्वाण बालगृह में हीटर से झुलसी किशोरी की मौत, बिना सूचित किए करा दिया दाह संस्कार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 24 Jan 2019 11:36 AM IST
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डेमो - फोटो : डेमो
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लखनऊ  में सरकारी पैसे से निर्वाण द्वारा चलाए जा रहे राजकीय बालगृह विशेषीकृत संस्था में 13 साल की किशोरी की हीटर से जलकर मौत हो गई। वहीं संस्था ने बुधवार को चुपचाप दाह संस्कार कर दिया। महिला एवं बाल कल्याण विभाग व बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) को नियमों के तहत इसकी जानकारी नहीं दी।

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हद तब हो गई जब खुद जिला प्रोबेशन अधिकारी को बालगृह संचालक से फोन करके घटना की जानकारी लेनी पड़ी। अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। टीम बृहस्पतिवार को संस्था का दौरा कर रिपोर्ट देगी। इस मामले पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडेय ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी।

जानकारी होने पर खुद उन्हाेंने बालिका के हीटर से जल कर मरने के बारे में निर्वाण संस्था के अध्यक्ष डॉ. सुरेश धपोला से फोन पर जानकारी ली। सामने आया कि करीब दो हफ्ते पहले यह किशोरी बाल गृह में लगे हीटर की चपेट में आकर जल गई थी।
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सुधाकर पांडेय ने बताया जलने के बाद बालिका को इलाज दिया जा रहा था, लेकिन मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई। पांडेय का कहना है कि बालिका कहां से बालगृह लाई गई थी, यह जानकारी ठीक से नहीं दी गई और मेल किए जाने की बात कही गई। ऐसे में वे खुद गुरुवार को बालगृह विजिट करेंगे और घटना को छिपाने पर उचित कार्रवाई के लिए विभाग को अपनी रिपोर्ट देंगे।

24 घंटे में देनी होती है सूचना

डीपीओ ने बताया कि बालगृह संचालक को अपने यहां हुई इस प्रकार की घटना की सूचना उन्हें, सीडब्ल्यूसी या डीएम को 24 घंटे में देनी होती है। लेकिन मौजूदा मामले में इसे छिपाया गया। पूछे जाने पर भी पूरी जानकारी नहीं दी गई।

पिछले मामले में भी अब तक नहीं दिया स्पष्टीकरण
बालगृह में क्षमता होते हुए बाल कल्याण समिति व न्यायालय के आदेशों के बावजूद आश्रय नहीं देने के मामले में भी महिला कल्याण विभाग ने निर्वाण बालगृह से जवाब मांगा था, लेकिन वह भी अब तक नहीं दिया गया।

सीडब्लूसी को भी नहीं दी जानकारी
बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) की सदस्य संगीता शर्मा ने बताया कि उन्हें व समिति सदस्य को इस मामले की कोई सूचना नहीं दी गई।  बिना सूचना के 13 साल की किशोरी का दाह संस्कार करवाना गलत है, ऐसे में विभाग को निर्वाण संस्था के संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। समिति मामले पर विचार करके अपना आदेश देगी।
 

शक का आधार ये घटनाएं

नवंबर में निर्वाण में हुई थी संदिग्ध मौत 
 पहले निर्वाण संस्था में एक किशोर की मौत संदिग्ध हालात में हो गई थी। उस समय भी संस्था ने घटना की जानकारी महिला एवं बाल कल्याण विभाग व बाल कल्याण समिति को नहीं दी थी। बल्कि सूचना मिलने पर समिति पुलिस के साथ खुद यहां छापा मारने पहुंची थी। समिति के अनुसार, बालगृह में बच्चों की पिटाई की शिकायतों सहित कई कमियां भी सामने आई थीं। इन सब पर जवाब मांगा गया था।

20 जनवरी को सरकारी बालगृह में मृत मिली थी किशोरी
हाल ही राजकीय बाल गृह (बालिका) मोतीनगर में भी एक किशोरी की अज्ञात हालात में मौत हो गई। मौत को संदिग्ध मानते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जिलाधिकारी को मजिस्ट्रेट जांच की सिफारिश की थी। यह किशोरी आठ दिसंबर को बलरामपुर से यहां लाई गई थी और उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। 

जारी है संस्था की मनमानी

बाल कल्याण समिति द्वारा 19 नवंबर को किए गए निर्वाण संस्था के निरीक्षण में यह खामियां सामने आई थीं :
- समिति को कुछ तस्वीरें भेजी गई, जिनमें एक लड़के और एक लड़की के शरीर पर चोटों के निशान थे।
- इन बच्चों की पिटाई की गई थी, निर्वाण संस्था के स्टाफ ने माना कि एक कर्मचारी ने ऐसा किया है।

- इस मामले में जेजे एक्ट के तहत स्टाफ पर पुलिस कार्रवाई नहीं करने पर समिति ने नाराजगी जताई थी।
- वहीं किशोर की मौत की बात भी छिपाई गई थी। 
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