स्वास्थ्य महकमे के अंदर ही एक मिशन है। इसके मुखिया ‘छोटे मियां’ भी गजब के नकचढ़े हैं।
साहब सात बजे के बाद कोई भी फोन आए उठाते ही नहीं, जबकि विभाग के सबसे बड़े मुखिया ‘बड़े मियां’ एकदम अलग हैं। चाहे किसी का भी फोन आए, नंबर फीड हो या न हो, तुरंत ही उठा लेते हैं।
ऐसे ही एक मातहत को एक दिन जरूरी काम था। उसने पहले तो साहब को फोन मिलाया। फोन जब नहीं उठा तो उन्होंने एक मैसेज डाल दिया।
साहब के पास जैसे ही मैसेज आया उसके बाद तो उनका मोबाइल ही स्विच ऑफ हो गया। अब तो विभाग के लोग कहने लगे हैं कि छोटे मियां... बड़े मियां से कुछ तो सीख लीजिए आगे काम आएगा।