गोमती नदी के ऊपर ब्रिटिशकालीन डालीगंज पुल को उपयोग से बाहर होने केबाद संरक्षित करने का काम पीडब्ल्यूडी करेगा। इसके लिए पुराने पुल पर लगने वाली फल व सब्जी मंडी को हटाने का आदेश हो गया है। वहीं इस पुल को अब केवल पैदल चलने वाले और सौंदर्यीकरण के बाद पुराने पुल को देखने आने वाले पर्यटकों के लिए उपयोगी बनाया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता जय सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार में अलग-अलग वार्ता के बाद इस पुल को गिराने की जगह संरक्षित करने के लिए फैसला लिया गया है। ऐसे में यहां अभी लोगों की आवाजाही बंद की जा रही है। इसके लिए पुल के दोनों तरफ दीवार बना दी गई है। अब पुल की सफाई कर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पुल का ऐतिहासिक स्वरूप निखर कर सामने आएगा।
पैदल आने-जाने वालों के लिए उपयोगी
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि डालीगंज, फैजुल्लागंज, नदवा, हसनगंज की तरफ से पुल पार कर काफी लोग पैदल केजीएमयू इलाज कराने आते हैं। इन लोगों के लिए भी यह पुल उपयोगी होगा। पुल के सौंदर्यीकरण के समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पुराने पुल पर वाहन न चलें।
जैविक कचरा पुल को कर रहा खराब
अधीक्षण अभियंता का कहना है कि फ ल व सब्जी मंडी का जैविक कचरा, सड़ने के बाद मीथेन जैसी गैस और खराब जीवाणु पैदा करता है। यह कचरा धीरे-धीरे पुल की आयु को कम कर रहा है। इससे पुल के ढहने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में फ ल व सब्जी मंडी वहां से हटाए जाने की जरूरत है। जान-माल का कोई नुकसान न हो। इसके लिए पुल का सौंदर्यीकरण जरूरी है।