एक जनवरी से राजधानी के एलपीजी उपभोक्ताओं को कैश आधारित डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर स्कीम (डीबीटीएस) का लाभ मिलने लगेगा।
यानी एलपीजी सब्सिडी का पैसा सीधे आपके बैंक खाते में जाएगा। इसके लिए बैंक अकाउंट को अपने आधार नंबर से लिंक कराना होगा और इस अकाउंट नंबर को संबंधित गैस एजेंसी पर दर्ज कराना होगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में घरेलू एलपीजी की सप्लाई से जुड़ी तीनों प्रमुख कंपनियों को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
कैश बेस सब्सिडी के तीसरे चरण में प्रदेश के तीन शहरों लखनऊ, कानपुर शहर व इटावा को चिह्नित किया गया है। इससे इन शहरों के 15 लाख से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
लखनऊ के 6.25 एलपीजी उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिलेगा। इस योजना के तहत साल में सब्सिडी वाले कुल 9 सिलेंडर मिलेंगे और सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता केखाते में जमा हो जाएगी।
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को जो एलपीजी सिलेंडर मिलेगा वह गैर सब्सिडी दर पर मिलेगा। हालांकि बुकिंग कराने के सिर्फ तीन घंटे बाद ही सब्सिडी की राशि उपभोक्ता के आधार लिंक वाले बैंक खाते में पहुंच जाएगी।
इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी का फायदा वास्तविक जरुरतमंदों तक सीधे पहुंचाना और केवाईसी सत्यापन के बाद भी जोड़-तोड़ के सहारे संचालित अवैध घरेलू गैस कनेक्शनों को सब्सिडी के फायदे से दूर करना है।
31 मार्च तक की मोहलत
इंडियन आयल से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे उपभोक्ता जिनका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं है, उन्हें तीन माह यानी 31 मार्च 2014 तक की मोहलत दी जाएगी।
तब तक बिना आधार कार्ड वाले उपभोक्ताओं को भी सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर मिलेगा। लेकिन एक अप्रैल से सिर्फ आधारकार्डधारी उपभोक्ताओं को ही इसका फायदा मिलेगा।