मेरठ बवाल में मरने वाले पांचों युवकों पर मुकदमा, वाराणसी में 10 मुकदमों के 73 आरोपी गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 22 Dec 2019 02:35 PM IST
खास बातें
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शनिवार को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार समेत देशभर में हिंसा और प्रदर्शन हुए। रामपुर में जहां हिंसक प्रदर्शनों के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पुलिसकर्मियों समेत 15 लोग घायल हैं। वहीं, कानपुर में उपद्रवियों ने एक पुलिस चौकी में घुसकर वाहनों को आग लगा दी। संभल, अमरोहा, मुजफ्फरनगर और फिरोजाबाद में भी प्रदर्शन व पथराव की खबरें हैं। फिरोजाबाद में पथराव के दौरान एसएसपी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी समेत कई दरोगा एवं सिपाही घायल हो गए। यूपी के 21 जिलों में इंटरनेट शनिवार रात 12 बजे तक बंद रहे, जबकि लखनऊ समेत 15 जिलों में इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं सोमवार तक बंद रहेंगी। फिरोजाबाद में दो और मेरठ में एक के शव मिले हैं। इसी के साथ यूपी हिंसा में मरने वालों की संख्या 17 हो गई।
शुक्रवार को बवाल में मारे गए पांचों युवकों के खिलाफ पुलिस की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया है। शनिवार को छह थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में इन पांचों युवकों समेत 180 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि 5000 से ज्यादा अज्ञात बवाली हैं।वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार रात लिसाड़ी गेट, कोतवाली व हापुड़ रोड पर 24 संवेदनशील प्वाइंटों पर पुलिस फोर्स तैनात रही। रविवार सुबह पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह के अनुसार थाना कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में 6 आरोपी, थाना लिसाड़ीगेट में चार मुकदमों में 125 आरोपी, ब्रह्मपुरी थाने में एक मुकदमे में 25 आरोपी, थाना नौचंदी में दो मुकदमों में 24 आरोपियों समेत 180 आरोपी नामजद हुए हैं। वहीं, जानी और सरधना थाने में एक-एक मुकदमा दर्ज हुआ है।
02:26 PM, 22-Dec-2019
वाराणसी पुलिस ने की शांति की अपील
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर तरह-तरह की अफवाहों के बीच वाराणसी पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी के उकसावे में ना आएं। खासतौर से कम उम्र के बच्चों के अभिभावक ध्यान दें। इससे जिले का सौहार्दपूर्ण वातावरण और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने रविवार को बताया कि अब तक जिले में 10 मुकदमें पंजीकृत कर 91 नामजद आरोपियों में से 73 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। 6000 अज्ञात लोगों की फोटो-वीडियो और सीसी कैमरे की फुटेज से शिनाख्त कराई जा रही है। शिनाख्त होने के बाद उनको गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
01:29 PM, 22-Dec-2019
तृणमूल कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए हजरतगंज का इलाका पूरी तरह सील
लखनऊ में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। शहर के हजरतगंज सहित आसपास के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। दुकानें बंद कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
हजरतगंज, हनुमान सेतु, निषादगंज सहित आसपास के सभी इलाकों पर सुरक्षा चाक-चौबंद है। पुलिसकर्मी मार्च कर रहे हैं।
कानपुर के यतीम खाना पुलिस थाना इलाके में शनिवार को Citizenship Act के विरोध में हिंसक प्रदर्शन के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई। एसपी ईस्ट का कहना है एफआईआर दर्ज कर 12 लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि 15 लोगों को हिरासत में लिया गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। हम लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील कर रहे हैं।
01:07 PM, 22-Dec-2019
दंगों से भाजपा को फायदा होता है: अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नागरिकता कानून पर हो रहे बवाल और दंगों को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दंगों से भाजपा को फायदा होता है। ये लोग सरकार में हैं और अब वही लोग दंगे फैला रहे हैं।अखिलेश यादव रविवार को प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं पर बवाल भड़काने के आरोपों पर कहा कि हमने नागरिकता कानून का विरोध किया है। हमने कोई तोड़फोड़ नहीं की। भाजपा के इशारे पर दंगे भड़काए जा रहे हैं।
11:34 AM, 22-Dec-2019
लखनऊ जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि जिन इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए, वहां कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार नुकसान पहुंचाने वालों को इसका उत्तरदायी माना जाता है। फिलहाल एडीएम के अधीन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। सात दिनों का नोटिस देने के बाद, मुआवजे के लिए संपत्तियों के मूल्य का आकलन किया जाएगा।
11:20 AM, 22-Dec-2019
यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने बताया है कि हमें पता चला है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ राजनीतिक नेता लखनऊ आना चाहते हैं। हम उन्हें इसके लिए अनुमति नहीं देंगे, क्योंकि क्षेत्र में धारा 144 लागू है। यह माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है।
09:09 AM, 22-Dec-2019
फिरोजाबाद: सिपाही के जेब में रखे पर्स में फंसी गोली
फिरोजाबाद बवाल के दौरान एसएसपी के साथ चल रहे सिपाही बृजेंद्र की जान पर्स और बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा ली। गोली बुलेटप्रूफ जैकेट को पार करते हुए पर्स में जाकर फंस गई। सिपाही को गोली लगने की जानकारी करीब 15 घंटे बाद वर्दी उतारने पर हो सकी। पर्स में गोली फंसी देख सिपाही दंग रह गया।
08:45 AM, 22-Dec-2019
अलीगढ़ में इंटरनेट सेवाएं बहाल
अलीगढ़ में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। Citizenship Amendment Act पर विरोध के दौरान हिंसा भड़कने के बाद 15 दिसंबर से सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था।
08:44 AM, 22-Dec-2019
यूपी में कार्रवाई
-10,900 के खिलाफ एफआईआर
-705 गिरफ्तार
-4500 पर निरोधात्मक कार्रवाई
-263 पुलिसकर्मी घायल
-57 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल
-405 देसी तमंचे बरामद
08:44 AM, 22-Dec-2019
13 हजार से ज्यादा विवादित पोस्ट पर कार्रवाई
यूपी में 13,101 विवादित पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस मामले में 63 एफआईआर दर्ज की गई और 102 लोग गिरफ्तार किए गए, जबकि 442 लोगों पर पाबंदी लगा दी गई।
08:44 AM, 22-Dec-2019
सीसीटीवी से पहचाने जा रहे उपद्रवी, भेजे जा रहे वसूली नोटिस
यूपी पुलिस ने उपद्रवियों की पहचानकर उन्हें जुर्माने का वसूली नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर संपत्ति कुर्क होगी। उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज से की जा रही है। उधर, लखनऊ हिंसा के मामले में पकड़ गए आधा दर्जन से ज्यादा लोगों का पश्चिम बंगाल से कनेक्शन सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में हिंसा के दौरान इन्हें बंगाल से बुलाया गया था। पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने बताया, प्रदर्शन में एनजीओ और बाहरी तत्व शामिल हो सकते हैं। हम जांच करा रहे हैं और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
08:44 AM, 22-Dec-2019
रामपुर में हाथीखाने के चौराहे पर हिंसक प्रदर्शन में कई पुलिस वाले घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस की जीप समेत सात दोपहिया वाहन फूंक दिए। पुलिस को आंसू गैस के गोले और रबर की बुलेट का इस्तेमाल करना पड़ा। कानपुर में दूसरे दिन भी हुई हिंसा में यतीमखाना पुलिस चौकी में घुसकर उपद्रवियों ने दो सिपाहियों को गोली मार दी। भीड़ ने यतीमखाना चौकी में खड़ी दो कारें व दो बाइकों में भी आग लगा दी और पास में खड़ी सौ से अधिक गाड़ियां तोड़ दीं। पथराव में 20 से अधिक पुलिसकर्मी व मीडियाकर्मी घायल हुए हैं। उपद्रवियों पर लाठी चार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े, तब वे पीछे हटे। बवाल से निपटने के लिए यूपी सरकार को केंद्र से आईटीबीपी की पांच कंपनियां और दी गई हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात कर हालात पर चर्चा की है।
08:42 AM, 22-Dec-2019
मेरठ बवाल में मरने वाले पांचों युवकों पर मुकदमा, वाराणसी में 10 मुकदमों के 73 आरोपी गिरफ्तार
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शनिवार को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार समेत देशभर में हिंसा और प्रदर्शन हुए। विरोध की आग में यूपी के रामपुर, कानपुर और मुजफ्फरनगर सबसे ज्यादा झुलसे। रामपुर में जहां हिंसक प्रदर्शनों के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पुलिसकर्मियों समेत 15 लोग घायल हैं। वहीं, कानपुर में उपद्रवियों ने एक पुलिस चौकी में घुसकर वाहनों को आग लगा दी। संभल, अमरोहा, मुजफ्फरनगर और फिरोजाबाद में भी प्रदर्शन व पथराव की खबरें हैं। फिरोजाबाद में पथराव के दौरान एसएसपी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी समेत कई दरोगा एवं सिपाही घायल हो गए। यूपी के 21 जिलों में इंटरनेट शनिवार रात 12 बजे तक बंद रहे, जबकि लखनऊ समेत 15 जिलों में इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं सोमवार तक बंद रहेंगी। फिरोजाबाद में दो और मेरठ में एक के शव मिले हैं। इसी के साथ यूपी हिंसा में मरने वालों की संख्या 17 हो गई।