अब रोडवेज की एसी बसों में भी हवाई जहाज की तरह फ्लेक्सी फेयर फॉर्मूला लागू होगा। मतलब, मांग कम होने पर किराया भी उसी अनुपात में कम होगा। इससे जहां यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, वहीं किराया घटने पर कम आय वर्ग के लोग भी एसी बसों में सफर कर सकेंगे।
वर्तमान में ऑफ सीजन होने से उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (यूपीएसटीसी) की एसी सेवाओं में 50 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली हैं। इसे देखते हुए निगम ने फैसला किया है कि खाली सीटों को कम किराए पर यात्रियों को दिया जाए तो निगम की आय बढ़ेगी।
खास बात यह है कि राज्य परिवहन मंत्रालय की पहल पर परिचालकों के बीच में से ही इस तरह का सुझाव आया, जिसे प्रबंधन ने हाथोंहाथ लिया। इसके लिए निगम प्रबंधन एक ऐसा ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित कराएगा, जिससे फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू हो सके। मांग कम होने पर उसी अनुपात में किराया भी कम हो जाएगा या यात्रा से पहले टिकट बुक कराने वालों को इसका लाभ मिलेगा।
वर्तमान में 50 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली
यात्री न मिलने की वजह से 19 सितंबर को आनंद विहार (दिल्ली) से लखनऊ आने वाली आलमबाग डिपो की रात्रि सेवा रद्द करनी पड़ी थी। इसी तरह 25 सितंबर की रात में लखनऊ से दिल्ली जाने वाली साहिबाबाद डिपो की वॉल्वो सेवा में सिर्फ 12 यात्री ही थे, जबकि सीटें 37 थीं।
हम राज्य परिवहन निगम की बसों में ‘फ्लेक्सी फेयर’ लागू करने की योजना बना रहे हैं।
-राजशेखर, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम