एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

लड़कियों को ज्यादा पदक मिलने पर क्या बोले राज्यपाल, देखें

ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 08 Feb 2017 10:24 PM IST
विज्ञापन
एनसीसी कैडेट - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

Next Article

सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि  चुनाव के बाद मैं प्रदेश में एनसीसी प्रशिक्षण केंद्र के लिए प्रयास करूंगा। वह राजभवन के गांधी सभागार में उप्र राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालय के सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट्स व गणतंत्र दिवस शिविर-2017 में शामिल एनसीसी कैडेट के लिए आयोजित ‘अलंकरण समारोह’ में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मौके पर कुल 34 एनसीसी कैडेट्स को पुरस्कृत किया गया।  राज्यपाल ने कहा, प्रदेश के 1,26,000 कैडेट्स में से पुरस्कार के लिए 34 का चयन किया गया है। इसमें भी लड़कियां आगे हैं। 20 लड़कियों व 14 लड़कों को पुरस्कार मिला है।

यह बदलते भारत की तस्वीर है। महिलाएं अपनी ताकत पर खड़ी हैं। 59 फीसदी लड़कियों नेे पदक प्राप्त किया है। एक समय था, जब सेना में पुरुष ही होते थे और महिलाएं सिर्फ मेडिकल कोर में होती थीं। सम्मानित होने वाले कैडेट्स एनसीसी की सभी शाखाओं थलसेना, नौसेना व वायुसेना के जूनियर व सीनियर डिवीजन के थे।
विज्ञापन


एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा एवं वाराणसी ‘बी’ को संयुक्त रूप से राज्यपाल का ‘ध्वज’ प्रदान किया गया। इससे पहले एनसीसी के अपर महानिदेशक मेजर जनरल संजीव जेटली ने एनसीसी की गतिविधियों व उप‌लब्धियों पर रोशन डाली।

उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र के लिए जमीन की मांग उठाई। गोल्ड मेडल पाने वालों को पांच हजार पदक व मेरिटोरियस कैडेट्स को तीन हजार रुपये दिए गए। कार्यक्रम में आर्मी, एयरफोर्स व नेवी के अधिकार भी उपस्थित रहे। 

लखनऊ की जुड़वा बहनें सम्मान‌ित

अनुष्का और अरुण‌िमा - फोटो : amar ujala
एनसीसी के बहादुर जवानों का समूह मंगलवार को मोदीनगर से लखनऊ राजभवन तक 618 किमी साइकिल यात्रा कर पहुंचा था। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने एनसीसी जांबाजों से पूछा, कहीं साइकिल पंचर तो नहीं हुई। यूपी के रास्ते कैसे हैं, हमें मालूम है। 

राज्यपाल ने कहा,आने वाले कुछ वर्षों में सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश हिन्दुस्तान होगा। इसके दो अर्थ हैं। मसलन, आतंकवादी भी युवा होते हैं, उनकी बुद्धि भी कम नहीं होती।

पर, वह गलत होते हैं। वह बोझ होते हैं। इसलिए युवाओं को देश की सम्पत्ति (एसेट) बनना चाहिए, दायित्व (लाइबिलिटी) नहीं। उन्होंने शत-प्रतिशत मतदान के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया।

सम्मान समारोह के दौरान लखनऊ की दो जुड़वा बहनों को एक साथ सम्मा‌न‌ित ‌‌क‌िया गया। अनुष्ठा मुशरान और अरुण‌िमा मुशरान को मे‌र‌िटोर‌ियस एनसीसी कैडेट की श्रेणी में पुरस्कृत ‌क‌िया गया। दोनों बहनों का चयन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत उत्तर प्रदेश से हुआ था। प्रदेश से चय‌न‌ित होकर दोनों बहनों ने राज्य का नाम रोशन ‌क‌िया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें