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वीआईपी ट्रेनों की सीटों पर खर्राटे भरते हैं पुलिसकर्मी, यात्रियों को नहीं मिलती जगह

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 02 Mar 2020 02:50 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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वीआईपी ट्रेनों की बदहाली इनमे सफर करना यात्रियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। लखनऊ मेल की जनरल बोगी में सीटों पर लेटकर पुलिसकर्मी खर्राटे भरते हैं और यात्रियों को बैठने की जगह नहीं मिलती। वहीं शताब्दी में फटी हुई सीटें और तेजस एक्सप्रेस की टूटी कुर्सियां यात्रियों के लिए मुसीबत बन रही हैं।
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लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के बीच चलने वाली लखनऊ मेल वीआईपी ट्रेनों में शुमार है। ट्रेन में एलएचबी कोच लगे हैं। लेकिन ट्रेन से आने वाली शिकायतें थमती नहीं दिख रही हैं। शनिवार रात लखनऊ मेल से नई दिल्ली जा रहे यात्री ने ट्विटर पर शिकायत दर्ज कराई है कि जनरल बोगी से लखनऊ से गाजियाबाद के लिए यात्रा कर रहे थे।

पूरी बोगी में पुलिसकर्मी व जवान पैर पसारकर सीटों पर सोते रहे और कहने के बाद भी नहीं उठे। जबकि दूसरे यात्रियों को बैठने की जगह तक नहीं मिली। उन्हें खड़े होकर सफर करना पड़ा। इतना ही नहीं कुछ पुलिसकर्मी भड़क भी गए।
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वहीं लखनऊ मेल की स्लीपर बोगी में यात्रा कर रहे राजेश कुमार ने शिकायत की कि ट्रेन में दिव्यांग बोगी नहीं होने की वजह से दिव्यांगजनों को दिक्कतें होती हैं। बीती रात दो दिव्यांगों को उन्होंने अपनी सीट पर बिठाकर यात्रा करवाई।

शताब्दी की सीटें फटीं

एक ओर जहां लखनऊ मेल बदहाली की शिकार है। वहीं लखनऊ जंक्शन से आनंदविहार जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस की हालत भी ठीक नहीं है। पैसेंजरों ने जहां साफ-सफाई की शिकायतें की। वहीं चेयरकार बोगी सी-7 के यात्रियों ने ट्वीट किया कि लखनऊ से आंनदविहार जाते वक्त बोगी की सीटें फटी मिलीं।

तेजस के होस्टेस परेशान
तेजस एक्सप्रेस के संचालन को चार माह बीत रहे हैं, लेकिन होस्टेस के प्रति यात्रियों का बर्ताव सुधर नहीं रहा है। रविवार को भी होस्टेस से यात्रियों ने बदतमीजी की। हालांकि, होस्टेस शिकायत करने से बच रही हैं। एक यात्री पैसेंजर ने ही ट्वीट कर बताया कि यात्रियों के बर्ताव से होस्टेस को खाना सर्व करने में भी दिक्कतें आती हैं।
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