प्रदेश सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है, मंत्री
संबंधित विभागों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश की
लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल तहसील पहुंच गए।
सोमवार को राजधानी की प्रमुख सड़कों के सुस्त निर्माण कार्य पर सख्ती के बाद प्रदेश के लोकनिर्माण और राजस्व मंत्री शिवपाल यादव में मंगलवार को सदर तहसील का औचक निरीक्षण किया।
वहां व्यापक अव्यवस्था देखकर उन्होंने अफसरों के पेंच कसे और गैर हाजिर मिले 13 कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
सुबह करीब साढ़े दस बजे सदर तहसील पहुंचे शिवपाल यादव ने सदर कर कार्यालय कक्षों का औचक निरीक्षण किया। इससे तहसील सहित कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
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अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश
राजस्व मंत्री ने तहसील परिसर स्थित राजस्व न्यायालय कक्षों के बंद होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर की जांच कराई।
इसमें लिपिक, चतुर्थ श्रेणी व चकबंदी इकाई के कर्मचारियों सहित एक दर्जन से अधिक कर्मचारी गैर हाजिर मिले। इस पर उन्होंने ड्यूटी से गायब कर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान राजस्व मंत्री शिवपाल को तहसीलदार से लेकर नायब तहसीलदारों तक के कोर्ट कक्षों पर ताला पड़ा मिला।
नाराजगी जताते हुए जब उन्होंने पूछताछ की तो तहसील अधिकारियों ने बताया कि तहसीलदार हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई में हाजिर होने गए हैं, जबकि दो नायब तहसीलदार अतिक्रमण हटवाने कार्रवाई में मौके पर गए हैं।
कामकाज पर जताई नाराजगी
राजस्व मंत्री ने खतौनी की नकल सहित अन्य प्रमाण पत्रों के वितरण की व्यवस्था का जायजा लेकर इस पर नाराजगी जताते हुए सुधार लाने और वितरण काउंटर संचालित कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान विभागीय मंत्री तहसील स्थित चकबंदी विभाग के कक्ष में भी गए और वहां अभिलेखों का उचित रखरखाव न पाए जाने पर इसमें तत्काल सुधार लाने को कहा।
वकीलों ने भी घेरकर सुनाई परेशानी
करीब पच्चीस मिनट तक लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सदर तहसील परिसर में मौजूद रहे। औचक निरीक्षण की जानकारी के बाद मचे हड़कंप के बीच आनन फानन में जिलाधिकारी, एडीएम प्रशासन सहित तहसीलदार जेपी यादव सहित अन्य अधिकारी सदर तहसील पहुंचे।
निरीक्षण कर लौट रहे शिवपाल को वकीलों ने घेर कर कामकाज में आने वाली परेशानियों के बारे में बताया।
वकीलों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों के अधिकांश समय दूसरे प्रशासनिक कामकाज के कारण परिसर से बाहर रहने से लंबित राजस्व वादों की सुनवाई और दूसरे कामकाज में काफी परेशानी होती है।
10 से 12 तक मौजूद रहे अधिकारी
विभागीय मंत्री शिवपाल ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसील परिसर में तैनात अधिकारी हर संभव स्तर पर सुबह 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित रहकर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को सुनने के साथ अन्य रूटीन कार्यों को निस्तारित कराने का कार्य करें।
उन्होंने चेताया कि इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। इसमें शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों व कर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
फरियादी न हो परेशान, बढ़ाए जाए काउंटर
सदर तहसील का निरीक्षण पूरा करने के बाद विभागीय मंत्री ने जिलाधिकारी, एडीएम प्रशासन सहित कलेक्ट्रेट व तहसील के आला अधिकारियों को राजस्व परिषद कार्यालय कक्ष में तलब किया।
उन्होंने जिले की चारों तहसीलों में आने वाले फरियादियों को परेशानी से बचाने के लिए बैठने की उचित व्यवस्था के साथ ही उनकी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया।
साथ ही तहसीलों में खसरा खतौनी की नकल, आय-व्यय, जाति और निवास सहित अन्य सभी प्रमाणपत्र व अभिलेख की नकल प्राप्त करने के आवेदन लेने व प्रमाणपत्र वितरित कराने को वितरण काउंटरों की संख्या बढ़ाने, कर्मचारियों व अधिकारियों की समय पर कार्यालय कक्षों में उपस्थिति सुनिश्चित कराने और नियमित तौर पर तहसील स्थित सभी राजस्व कोर्ट का संचालन कराने की व्यवस्था का निर्देश भी दिया।