न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: manoj tiwari
Updated Wed, 13 Mar 2019 01:40 AM IST
लखनऊ। कॉपी रे कॉपी कहां चली... देखो-देखो गुरुजी के पास चेक होने चली...। हाईस्कूल की अंग्रेजी की कॉपी में एक छात्र ने प्रश्नों केउत्तर के बजाए ऐसी ही अटपटी कविताएं लिखी हैं। कविता के आगे की पक्तियों में उसने गुरुजी से पास होने की गुहार लगाई है। राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज में अंग्रेजी के एक परीक्षक को ऐसी ही कॉपी चेक करने के लिए मिली।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आई बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं में छात्रों ने उत्तर के बजाय मनगढ़ंत बातें लिखी हैं। परीक्षकों के अनुसार ऐसी कई कॉपियां मिल रही हैं, जिसमें छात्रों ने उत्तर लिखने के बजाय सारे प्रश्न ही उतार दिए हैं। राजधानी में चार केंद्रों पर यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की कॉपियां जांची जा रही हैं। एक परीक्षक को ऐसी कॉपी मिली, जिसमें छात्र ने पूरी कॉपी में एक हिंदी गाने की कुछ लाइनें लिख डाली हैं। वहीं इंटर फिजिक्स के एक परीक्षक ने बताया कि उनको एक छात्र की ऐसी कॉपी मिली, जिसमें उसने केवल प्रश्न ही उतार दिए हैं। ऑब्जेक्टिव प्रश्नों में प्रश्न सहित सारे विकल्प भी उतार दिए हैं।
अंग्रेजी की कॉपियों में छात्रों ने हिंदी में कहानियां व कविताएं लिखी हैं। परीक्षकों ने अनुसार छात्रों ने किसी भी तरह से केवल कॉपियों को भरने का प्रयास किया है। कई परीक्षकों ने बताया कि ऐसी भी कॉपियां मिलीं जो अधूरी हैं। छात्रों ने महज एक-दो प्रश्न केउत्तर लिखकर पूरी कॉपी खाली छोड़ दी है। परीक्षकों के अनुसार या तो कॉपियां बहुत ही खराब लिखी गई हैं या फिर बहुत ही अच्छी। मध्यम स्तर की कॉपियां नहीं हैं। परीक्षकों का आंकलन है कि काफी संख्या में छात्रों ने बिना पढ़े ही परीक्षा दी है। परीक्षकों ने बताया कि कॉपी चेक करने में भी परेशानी आ रही है। छात्रों ने उत्तर के एक-दो लाइन संबंधित विषय से शुरू की हैं लेकिन बाद में बेमतलब की बातें लिख दी हैं।
नकलची छात्र की एक ही कॉपी भेजी
राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में एक नकलची छात्र की एक ही कॉपी आई है। दरअसल नकल करते समय पकड़े जाने पर छात्र की मूल कॉपी जब्त कर ली जाती है। फिर छात्र को दूसरी कॉपी देकर बैठाया जाता है। दोनों ही कॉपियां मूल्यांकन केंद्र पर भेज दी जाती हैं। लेकिन यहां पर नकलची छात्र की एक ही कॉपी मूल्यांकन के लिए आई है। परीक्षकों ने बताया कि बोर्ड को अवगत करा दिया जाएगा। संभवत: उस छात्र की कॉपी परीक्षा केंद्र से जमा ही नहीं कराई गई हो।