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यूपी के 27 लाख कर्मचारियों को सरकार का तोहफा, 14.25 फीसदी बढ़ा वेतन

ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 14 Dec 2016 07:25 PM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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यूपी के 27 लाख कर्मचारी और पेंशनरों को अब केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य वेतन आयोग की सिफारिशें पर मुहर लगाकर कर्मचारियों व पेंशनरों को नए साल का दोहरा तोहफा दे दिया।
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कर्मचारियों के वेतन में औसतन 14.25 फीसदी की वृद्धि हुई है। कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन व पेंशन का लाभ एक जनवरी 2016 से मिलेगा। वहीं, दो फीसदी महंगाई भत्ते (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) का भुगतान जुलाई 2016 से होगा।

यूपी कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के संदर्भ में रिटायर्ड आईएएस अफसर जी. पटनायक की अध्यक्षता वाली राज्य वेतन समिति की सिफारिशों पर मुहर लगाई। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि कर्मचारी ही सपा का बहुमत की सरकार फिर से बनवाएंगे।
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इनका भुगतान राज्यकर्मचारियों की तरह ही होगा

शिक्षक तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी नई वेतन मैट्रिक्स, वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतन वृद्धि व महंगाई भत्ते आदि का लाभ और एरियर का भुगतान राज्य कर्मचारियों की तरह ही मिलेगा।

निगमों, स्वशासी संस्थाओं व प्राधिकरणों को भी नई वेतन मैट्रिक्स का लाभ देने की मंजूरी दी गई है, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं।

बढ़ा वेतन नकद कब से
बढ़ा वेतन जनवरी 2017 से नकद दिया जाएगा। यानी इसका भुगतान फरवरी में जनवरी के वेतन के साथ होगा। दो फीसदी महंगाई भत्ता व पेंशनरों को महंगाई राहत भी इसी के साथ होगा।

सरकार पर बोझ
17958.20 करोड़ अतिरिक्त खर्च
16825.11 करोड़ वेतन पर
1133.09 करोड़ महंगाई भत्ते पर

दो साल में दिया जाएगा एरियर

एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक के बकाया एरियर का भुगतान दो समान किश्तों में दो साल में किया जाएगा। 50 फीसदी की पहली किस्त का भुगतान वित्तीय वर्ष 2017-18 में, जबकि बाकी 50 फीसदी का भुगतान 2018-19 में किया जाएगा।

एरियर का 80 फीसदी भाग जीपीएफ/पीपीएफ/एनएससी के रूप में दिया जाएगा। बाकी 20 प्रतिशत (आयकर की कटौती के बाद) का नकद भुगतान किया जाएगा। पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों के बकाये का भुगतान भी इसी तरह होगा। डीए व डीआर का जुलाई से दिसंबर तक का एरियर भी दो साल में दिया जाएगा।

80 साल से अधिक उम्र वालों को इसी वित्त वर्ष में नकद एरियर
80 साल से अधिक आयु के पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों के आश्रितों को बकाये का नकद भुगतान इसी वित्तीय वर्ष में कर दिया जाएगा।

ये है नया वेतन फॉर्मूला

न्यूनतम बढ़ोतरी 2250 रुपये, अधिकतम 1.45 लाख रुपये
न्यूनतम बढ़ोतरी 2250 रुपये, अधिकतम 1.45 लाख रुपये
न्यूनतम वेतन अब 18000 रुपये

नया वेतन फार्मूला : (वर्तमान वेतन बैंड में वेतन+ग्रेड पे) × 2.57
(5200+1800)× 2.57 = 17990
नई वेतन मैट्रिक्स में प्रारंभिक वेतनमान (न्यूनतम वेतन) 18000 रुपये है।

पहले न्यूनतम वेतन 15750 रुपये था।
फायदा : 18000-15750 = 2250 रुपये

उच्चतम वेतन अब 2.24 लाख रुपये
सूबे में पीसीएस उच्च संवर्ग है। इस संवर्ग का अंतिम वेतनमान 79000 है।

नए फॉर्मूले के हिसाब से वेतन : 79000× 2.57= 2,03,030 रुपये

पे मैट्रिक्स में इस स्तर पर उच्चतम वेतन : 2,24,100
लाभ : 2,24,100-79,000=1,45,100
(वेतन की गणना में भत्ते शामिल नहीं हैं। भत्ते पहले की तरह रहेंगे।)

2016-17 के दूसरे अनुपूरक बजट प्रस्तावों पर मुहर, बढ़ेगा आकार

प्रदेश कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2016-17 केदूसरे अनुपूरक अनुदान व विनियोग विधेयक को स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट ने इसमें कुछ नए प्रस्तावों को भी शामिल किया है। विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में इसे पास कराया जाएगा। इसे पेश करने की तिथि अभी तय नहीं हुई है।

सूत्रों ने बताया कि वित्त विभाग ने करीब 1600 करोड़ के अनुपूरक प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा था। इसमें लखनऊ-बलिया समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, सूचना विभाग के प्रचार-प्रसार, संस्कृति व लोक निर्माण विभाग आदि विभागों से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।

कैबिनेट ने इसमें कुछ अन्य विभागों के प्रस्तावों को भी शामिल कर लिया है। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि और किन-किन विभागों के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इससे अनुपूरक के आकार में वृद्धि हो सकती है।

उधर वित्त विभाग से शासन ने पूछा है कि 21 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानमंडल सत्र में वह कौन-कौन से विधेयक ला रहा है। संकेत है कि एक-दो दिन में विधेयक पेश करने की तिथि तय हो जाएगी।

शहीद जवानों के माता-पिता को भी मिलेंगे पांच लाख

प्रदेश सरकार ने शहीद पुलिस कर्मियों व जवानों के माता-पिता को पांच लाख रुपये अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय किया है। यह राशि शहीद के आश्रित पत्नी/पति को मिलने वाली 20 लाख रुपये से अलग होगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। कैबिनेट फैसले के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में किसी परिस्थिति विशेष के दौरान मुख्यमंत्री अपने विवेकाधीन कोष से इससे अधिक अनुदान भी स्वीकृत कर सकते हैं।

पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की विशेष जोखिम भरे कार्य के दौरान अदम्य व विशिष्ट वीरता प्रदर्शित करने के दौरान मृत्यु होने पर शहीद/मृतक पुलिस कार्मिकों के आश्रित पत्नी/पति को वर्तमान में 20 लाख रुपये दिए जाते हैं। कई परिवारों में सामंजस्य स्थापित न होने के कारण शहीद के वृद्ध माता-पिता को जीवनयापन में काफी कठिनाई होती है। इसे देखते हुए सरकार ने माता-पिता को अलग से पांच लाख रुपये देने का फैसला किया है।

इस फैसले का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी, जिनका परिवार यूपी में निवास कर रहा हो तथा जो केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों/अन्य प्रदेशों के अर्द्धसैन्य बलों तथा भारतीय सेना में कार्यरत रहते हुए कर्तव्यपालन के दौरान उनकी मृत्यु होने पर उनके माता-पिता को मिलेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बाहर के निवासी जो भारतीय सेना अथवा केंद्रीय एवं अन्य राज्यों के अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत हों तथा कर्तव्यपालन के दौरान इन्हीं परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अंदर जिनकी मृत्यु हो जाए, उनके परिवारीजनों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

समाजवादी स्वास्थ्य योजना को सरकार की मंजूरी

प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना को हरी झंडी दे दी। इसके तहत समाजवादी पेंशन धारकों के परिवारों को गंभीर रूप से बीमार होने पर दो लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। प्रदेश सरकार इसके लिए केवल सरकारी बीमा कंपनियों से ही करार करेगी। सरकार सूबे के सभी जिलों के लिए केवल एक ही बीमा कंपनी का चयन करेगी।

समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रीहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस (साची) करेगी। वह सुनिश्चित करेगी कि वर्तमान में उसके द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयां इस योजना में न आएं।

बीमा कंपनी के चयन के लिए टेंडर प्रपत्र तैयार करने, योजना के क्रियान्वयन के लिए सॉफ्टवेयर के स्पेसिफिकेशन का निर्धारण करने, योजना का संचालन करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देेश नियम एवं उपनियम तैयार करने के लिए कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा। चूंकि समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना का क्रियान्वयन सॉफ्टवेयर आधारित होगा, इसलिए कंसल्टेंट का चयन राज्य में कार्यरत आईटी कंपनी के माध्यम से कराया जाएगा।

इस बीमा योजना में गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगियों के उपचार के लिए सुपर स्पेशियलिटी केयर की सुविधा शामिल है। इस योजना का लाभ परिवार के मुखिया और उसके जीवनसाथी के अलावा परिवार के मुखिया पर आश्रित बच्चे एवं माता-पिता को मिलेगा।

इलाज के दौरान मुफ्त मिलेगा खाना

अस्पताल में भर्ती के दौरान रोगी को मुफ्त इलाज के साथ ही मुफ्त भोजन भी मिलेगा। डिस्चार्ज के समय घर जाने के लिए 500 रुपये यात्रा व्यय के रूप में अस्पताल की ओर से नकद दिया जाएगा। इस योजना के तहत कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरैसिक सर्जरी, चेस्ट सर्जरी, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण  से संबंधित गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क इलाज होगा।

योजना में एक्सीडेंट व बर्न इंजरी शामिल नहीं
दुर्घटना के कारण चोट एवं बर्न इंजरी इस योजना में शामिल नहीं होंगी। इन्हें समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना में शामिल किया गया है। इस योजना के लक्षित परिवार समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना से भी लाभान्वित हैं।

डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक बीमा कवर
बीमा कवर के तहत पूर्व ग्रसित बीमारियां भी शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती होने से 7 दिन पहले एवं डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक के चिकित्सीय व्यय पैकेज का हिस्सा होंगे। योजना को संचालित करने के लिए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के अलावा ऐसे सरकारी अस्पताल जिनमें सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हों और गुणवत्तापरक सुपर स्पेशियलिटी निजी चिकित्सालयों को सूचीबद्ध किया जाएगा।

300 बेड के मंडलीय चिकित्सालय का निर्माण लागत बढ़ाने को मंजूरी

कैबिनेट ने बरेली 300 बेड वाले मंडलीय चिकित्सालय के भवन निर्माण में फॉल्स सीलिंग तथा मॉड्यूलर ओटी के लिए निर्माण लागत बढ़ाने को मंजूरी दे दी। इसे बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस भवन की पुनरीक्षित निर्माण लागत 7250.66 लाख रुपये है।

आजमगढ़ बस स्टेशन के आधुनिकीकरण प्रस्ताव को मंजूरी
कैबिनेट ने आजमगढ़ के बस स्टेशन के विस्तार एवं आधुनिकीकरण योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके लिए 56.88 लाख रुपये और मंजूर किए गए हैं। इस रकम से सुंदरीकरण के काम होंगे। इस योजना की कुल लागत अब 1619.56 लाख रुपये हो गई है।

सैम हिग्गिनबॉटम संस्थान को मिलेगा विवि का दर्जा
सैम हिग्गिनबॉटम एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी, इलाहाबाद द्वारा संचालित सैम हिग्गिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ  एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (डीम्ड विश्वविद्यालय), इलाहाबाद को सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी व विज्ञान विश्वविद्यालय बनाने का फैसला किया गया है। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

बंद सिनेमाघर चलाने पर मिलेगा अनुदान

राज्य में बंद सिनेमाघरों को दुबारा चालू करने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू होगी। कैबिनेट बैठक में यह फैसला किया गया। इसके तहत 31 मार्च, 2015 तक बंद सिनेमाघरों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।

अनुदान की स्वीकृति की तारीख से पहले, दूसरे और तीसरे वर्ष के लिए संगृहीत मनोरंजन कर का 30 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। चौथे साल और उसके बाद पूरा कर देना होगा।

इस योजना का लाभ उन्हीं सिनेमाघरों को मिलेगा, जिन्होंने उत्तर प्रदेश चलचित्र नियमावली-1951 के प्रावधानों के तहत जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस लेकर 31 मार्च, 2017 तक सिनेमाघर दुबारा चालू कर दिया है।

अनुदान की अवधि समाप्त होने के बाद कम से कम 5 साल तक सिनेमाघर का संचालन किया जाना अनिवार्य होगा। नियमित प्रदर्शनों की संख्या में भी कमी नहीं की जा सकेगी।

20 करोड़ बढ़ी बरेली-बदायूं मार्ग की लागत

प्रदेश कैबिनेट ने बरेली और बदायूं में पीलीभीत-बरेली-बदायूं-मथुरा-भरतपुर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-33) के चौड़ीकरण के रिवाइज्ड एस्टीमेट को मंजूरी दे दी है। जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़े जाने की योजना के तहत यह काम कराया जा रहा है।

व्यय वित्त समिति ने परियोजना की पुनरीक्षित लागत 264.63 करोड़ रुपये आंकी गई है। बरेली और बदायूं में इस राजमार्ग के किमी 55 से 98 तक फोरलेन का निर्माण कराया जाना है। पहले इसकी लागत 244.35 करोड़ रुपये आंकी की गई थी। यह मार्ग बरेली और बदायूं जिला मुख्यालयों को जोड़ता है।

नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत कर्मियों को भी मिलेगी पारिवारिक पेंशन
चुनाव से पहले सरकार ने नगर पालिका पारिषद व नगर पंचायत कर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी अब राज्यकर्मियों की तरह पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए कैबिनेट ने उ.प्र. नगर पालिका अकेंद्रीयत सेवानिवृत्ति लाभ पंचम संशोधन नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मौजूदा प्रावधानों के तहत नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद केवल 10 साल तक पेंशन मिलती थी। पारिवारिक पेंशन का कोई प्रावधान नहीं था। नियमावली में संशोधन के बाद अब इन कर्मचारियों को भी राज्यकर्मियों की भांति पारिवारिक पेंशन का लाभ मिल सकेगा। यह प्रस्ताव 2006 से ही विचाराधीन चला आ रहा था।

गोरखपुर में 18.86 करोड़ से होगा रामगढ़ ताल का सौंदर्यीकरण

कैबिनेट ने गोरखपुर में रामगढ़ ताल सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए विशिष्ट कार्यों की मंजूरी दे दी है। योजना के तहत जॉगिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, दिव्यांगों के लिए रैंप, विजिटर्स बेंच, फाउंटेन, महापुरुषों की मूर्तियां, घाट पर सीढ़ियां, एलईडी लाइट के लिए सजावटी पोल, लैंड स्केपिंग, पार्किंग प्लेटफॉर्म, लेक फ्रंट रेलिंग आदि का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना की लागत 18.86 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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