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10 हजार शिक्षकों की काउंसलिंग 10 से

शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 01 Jul 2014 08:16 AM IST
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टीईटी पास व बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त 10 हजार प्रशिक्षुओं को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर भर्ती का शासनादेश सोमवार को जारी कर दिया गया।
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सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि इसके लिए 10 व 11 जुलाई को जिलेवार काउंसलिंग की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी।

इनसे बीते साल 15 अक्तूबर को शासनादेश जारी करते हुए आवेदन लिए गए थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी।

सचिव बेसिक शिक्षा ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए कोई विधिक बाधा नहीं है। इसलिए 31 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

इसलिए हो रही है भर्तियां

गौरतलब है कि सरकार ने पहले ही इनकी भर्ती के लिए मन बना लिया था। बस शासनादेश जारी होने का इंतजार था।

जिसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारियां कर ली थी।

सरकार का मानना है कि जितनी जल्दी हो सके शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।

कोर्ट चला गया था मामला

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। प्रदेश में मौजूदा समय दो वर्षीय बीटीसी करने के बाद 30,000 से अधिक प्रशिक्षार्थी घूम रहे हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग ने सितंबर 2013 में 10,000 बीटीसी वालों को शिक्षक बनाने का आदेश जारी किया था, लेकिन कोर्ट में मामला जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।

बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि अब इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाए।

इसके लिए टीईटी पास बीटीसी वाले ही पात्र होंगे। शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है।

एडेड स्कूलों में भी खुलेगी भर्ती की राह

परिषदीय स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद से सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में लगी भर्ती पर रोक हटाने की तैयारी है।

सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक से पदवार ब्यौरा मांगा है।

हालांकि, शासन ने निदेशालय से ये ब्यौरा पहली बार नहीं मांगा है। इसके पहले भी कई बार निदेशालय से ब्यौरा मांगा जा चुका है, लेकिन मिला नहीं है।

गौरतलब है कि प्रदेश में 3500 से अधिक सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल हैं। अखिलेश सरकार ने सत्ता में आते ही भर्तियों पर रोक लगा दी थी।
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