Lucknow : नई एजेंसी के फेर में फंसीं कई विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, यूपीडेस्को भी दिख रहा लाचार
अक्षय कुमार, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 02 Jan 2023 06:02 AM IST
सार
हालत यह है कि विश्वविद्यालयों ने कई बार यूपीडेस्को को पत्र भेजा लेकिन वहां से नई एजेंसी को लेकर कोई जवाब नहीं मिल रहा है। अब विश्वविद्यालय अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं।
कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के करीबी अजय मिश्रा के जेल जाने और उसकी कंपनी के काम बंद कर देने से राजधानी के कई विश्वविद्यालयों की सेमेस्टर परीक्षाओं पर संकट के बादल छा गए हैं। हालत यह है कि विश्वविद्यालयों ने कई बार यूपीडेस्को को पत्र भेजा लेकिन वहां से नई एजेंसी को लेकर कोई जवाब नहीं मिल रहा है। अब विश्वविद्यालय अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने जनवरी में अपनी सेमेस्टर परीक्षाएं कराने की तैयारी की है। लेकिन अब तक नई एजेंसी की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में समय से परीक्षा कराने में संकट दिख रहा है। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय ने तीन बार यूपीडेस्को को पत्र भेजा लेकिन वहां से कोई नई एजेंसी नहीं मिली। यूपीडेस्को की ओर से अब इस मामले में असमर्थता जताने पर लविवि ने यूपीएलसी को पत्र भेजकर नई एजेंसी तैनात करने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, विवि का परीक्षा कार्यक्रम व पेपर आदि की तैयारी पूरी है, मामला सिर्फ एजेंसी की तैनाती में फंसा हुआ है। नई एजेंसी की तैनाती के बाद हफ्ते, दस दिन का समय काम को समझने में लगेगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी।
इसी तरह ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि को भी परीक्षा के अलिए नई एजेंसी की तलाश है। विवि की सेमेस्टर परीक्षाएं इसी वजह से अटकी हुई हैं। विवि प्रशासन की ओर से भेजे गए पत्र के बाद यूपीडेस्को ने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया। अब विवि प्रशासन अपने स्तर से ही नई एजेंसी की चयन प्रक्रिया में जुट गया है। ताकि सेमेस्टर परीक्षाएं जनवरी में हो सकें। इसी तरह एकेटीयू की ओर से भी टेंडर के माध्यम से नई एजेंसी का चयन परीक्षा कार्यों के लिए किया गया है।
विज्ञापन
टेंडर से होगा नई एजेंसी का चयन
यूपीडेस्को ने हमारे पत्र के जवाब में अपनी व्यस्तता का हवाला दिया है। इसके बाद विवि प्रशासन टेंडर के माध्यम से नई एजेंसी का चयन कर रहा है। जल्द इसका चयन कर परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।
- डॉ. भावना मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक , भाषा विवि