न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 08 Feb 2020 04:20 PM IST
प्रदेश सरकार ने राज्य में पिछड़े वर्ग लेकिन केंद्र में सामान्य वर्ग में चिह्नित व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए तय शर्तें पूरी करने वाले लोगों को केंद्र की सेवाओं के लिए प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
शासन में शिकायत हुई है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कई जातियां प्रदेश में ओबीसी वर्ग में चिह्नित हैं लेकिन केंद्र में सामान्य वर्ग में चिह्नित हैं। इनके लिए केंद्र सरकार की सेवाओं व पदों के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा रहा है। इससे ये इस वर्ग के लिए जारी आरक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं पा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल ने समस्त जिलाधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की वे जातियां जो प्रदेश में ओबीसी लेकिन केंद्र सरकार में सामान्य वर्ग में चिह्नित हैं और केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए तय मानक व शर्तें पूरी करती हैं, उन्हें तत्काल प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए जाएं। यदि इस संबंध में कोई कठिनाई हो तत्काल केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से मार्गदर्शन मांग कर स्थिति स्पष्ट कराई जाए।