शिवराज सिंह और अजय सिंह की फाइल फोटो
मध्य प्रदेश में चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। 15 साल से वनवास झेल रही कांग्रेस की नजर सत्ता में वापसी पर है, वहीं भाजपा किसी भी कीमत पर अपनी सत्ता को बरकार रखना चाहती है। सत्ता के सेमीफाइनल के तहत अमर उजाला डॉट कॉम का चुनावी रथ मध्य प्रदेश की चुरहट विधान सभा का जायजा लेने पहुंचा चुका है।
सीधी जिले की चुरहट विधानसभा सीट कांग्रेस का मजबूत गढ़ कहलाती है। करीब सवा दो लाख वोटर वाली इस सीट पर ब्राह्मण, क्षत्रिय, पिछड़ा वर्ग की आबादी है लेकिन पटेलों को मिलाकर पिछड़ा वर्ग 70 प्रतिशत के पार है जो सीट पर हार-जीत का फैसला करता है।
पिछले 40 सालों से इस सीट पर कांग्रेस का विधायक ही जीत दर्ज करता आया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह पहली बार यहां से विधायक बने थे और तब से सिर्फ एक चुनाव को छोड़कर लगातार यह सीट कांग्रेस के हाथ आई है।
इस जीत के पीछे भी एक बड़ी वजह है। अर्जुन सिंह के निधन के बाद उनके बेटे और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 20 साल से चुरहट से जीतकर विधायक बनते आ रहे हैं। बात अगर पिछले विधानसभा चुनावों की करें तो
2013 विधानसभा चुनाव
अजय सिंह-कांग्रेस-71796 वोट
शरदेंदु तिवारी-भाजपा-52440 वोट
चुरहट वही क्षेत्र है जहां पर सितंबर के पहले हफ्ते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा को निशाना बनाया गया था। रात करीब 9:30 बजे मुख्यमंत्री के काफिले पर पथराव हुआ, जिससे उनके रथ (वाहन) का कांच फूट गया था। भाजपा ने पथराव का आरोप कांग्रेस पर लगाया था।
हमले के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह को निशाने पर लेते हुए उनके पिता के संस्कारों को याद दिलाया था।